जौहर विवि पर शिकंजा: जवाब में फंसा यूनिवर्सिटी प्रशासन, 2,500 छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा व डिग्री को लेकर चिंता
रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय में बिना विधिक स्वीकृति के निर्मित भवनों के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन अपने ही तर्कों में उलझ गया। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने स्वयं स्वीकार किया है कि दो भवनों के निर्माण के लिए जिला पंचायत से अनुमति ली गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि प्रबंधन निर्माण कार्य के लिए सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति लेने की अनिवार्यता से पूरी तरह परिचित था। इसके बावजूद शेष 38 भवन बिना किसी स्वीकृति के निर्मित कर दिए गए। डीएम अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार आदेश में उल्लेख किया गया है कि जब दो भवनों के लिए अनुमति प्राप्त की जा सकती थी तो अन्य निर्माण बिना मंजूरी के करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। प्राधिकरण ने कहा कि निर्माण की वैधता का निर्धारण उस समय लागू कानून और सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त स्वीकृति के आधार पर होता है, न कि बाद में दिए गए कानूनी तर्कों से। आदेश में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपने पक्ष में मास्टर प्लान, जोनल प्लान तथा उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की विभिन्न धाराओं का हवाला दिया, लेकिन विस्तृत परीक्षण के बाद इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया गया। प्राधिकरण का निष्कर्ष है कि संबंधित प्रावधानों की गलत व्याख्या कर निर्माण को वैध साबित करने का प्रयास किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
#CityStates #Moradabad #Rampur #UttarPradesh #JauharUniversityRampur #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 16, 2026, 10:55 IST
जौहर विवि पर शिकंजा: जवाब में फंसा यूनिवर्सिटी प्रशासन, 2,500 छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा व डिग्री को लेकर चिंता #CityStates #Moradabad #Rampur #UttarPradesh #JauharUniversityRampur #VaranasiLiveNews
