Metro Extension: दिल्ली मेट्रो का मेगा प्लान, 89 किमी की सुपर मैजेंटा लाइन; 21 इंटरचेंज से जुड़ेगा एनसीआर

दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन 21 इंटरचेंज स्टेशनों के साथ राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लगभग हर प्रमुख हिस्से को सीधे जोड़ देगी। बोटैनिकल गार्डन से इंदरलोक तक करीब 89 किलोमीटर लंबी यह लाइन पूरी तरह ड्राइवरलेस होगी। मेट्रो लाइन फेज-4 और फेज-5ए के हिस्सों से जुड़कर दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बनेगी। सेंट्रल विस्टा होते हुए राजधानी के प्रशासनिक, व्यावसायिक, आवासीय इलाकों को एकीकृत कर देगी। मैजेंटा लाइन का दक्षिण-पूर्वी छोर नोएडा के बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर मध्य दिल्ली, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के इंदरलोक मेट्रो स्टेशन तक जाएगा। फेज-पांच (ए) के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के रास्ते) और आगे फेज-चार के इंद्रप्रस्थ-इंदरलोक हिस्से को जोड़ने के बाद यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा। इससे पहले यह हिस्सा ग्रीन लाइन के विस्तार के रूप में प्रस्तावित था। वर्तमान में मैजेंटा लाइन पर कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन, बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, जनकपुरी वेस्ट मेट्रो स्टेशन और हौज खास मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज की व्यवस्था है। इसके विस्तार के बाद इसमें 17 नए इंटरचेंज जुड़ेंगे। सेंट्रल सेक्रेटेरियट मेट्रो स्टेशन, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन, आजादपुर मेट्रो स्टेशन और इंदरलोक मेट्रो स्टेशन ट्रिपल इंटरचेंज बनेंगे। इसका असर यह होगा कि यात्रियों को राजीव चौक या कश्मीरी गेट जैसे भीड़ वाले स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नेटवर्क में यात्री प्रवाह कई हिस्सों में बंटेगा, यात्रा समय घटेगा। नमो भारत कॉरिडोर का भी हो सकता है इस माह उद्धाटन दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का इस माह 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्धाटन कर सकते हैं। दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक 5 किलोमीटर और मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर का अंतिम हिस्से का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 23 किलोमीटर लंबी मेरठ मेट्रो, जिसमें 13 स्टेशन शामिल हैं, का भी शुभारंभ किया जाएगा। मौजूदा समय नमो भारत कॉरिडोर का 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से संचालित हैं। पूर्ण रूप से चालू होने पर यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराएगा। ब्लू-पिंक लाइन से आगे निकलेगी अभी पिंक और ब्लू लाइनों पर 12-12 इंटरचेंज स्टेशन हैं। विस्तार के बाद भी उनकी संख्या क्रमश: 15 और 14 तक पहुंचेगी, लेकिन 21 इंटरचेंज के साथ मैजेंटा लाइन सबसे आगे रहेगी। पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) वर्तमान में 59.2 किमी के साथ सबसे लंबी है और फेज-चार विस्तार के बाद करीब 72 किमी तक पहुंचेगी। इसके बावजूद 89 किमी लंबाई के साथ मैजेंटा लाइन नेटवर्क की सबसे बड़ी लाइन होगी। 65 स्टेशन, 40 भूमिगत बोटैनिकल गार्डन से इंदरलोक तक 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत रहेंगे। मध्य दिल्ली, सेंट्रल विस्टा जैसे संवेदनशील व घने इलाकों के नीचे से गुजरने वाली यह लाइन ट्रैफिक को प्रभावित किए बिना सार्वजनिक परिवहन सुविधा देगी। व्यापक इंटरचेंज सुविधाएं प्रमुख कॉरिडोरों पर भीड़ कम करेंगी और एंड-टू-एंड निर्बाध कनेक्टिविटी देंगी। मैजेंटा लाइन पर नेटवर्क का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन हैदरपुर बादली मोड़ (28.4 मीटर), सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन हौज खास (29 मीटर) बनाया गया है। 21 या 22 को दो नए कॉरिडाेर का उद्धाटन संंभव मजलिस पार्क–मौजपुर और दीपाली चौक–मजलिस पार्क सेक्शन पर मेट्रो का संचालन इसी माह 21 या 22 फरवरी हो सकता है। फेज-4 के तहत बने दोनों सेक्शन पर ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की ओर से यात्रियों के लिए संचालन की अनुमति मिल गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा इन सेक्शन का उद्घाटन किया जा सकता है। तीन मेट्रो लाइन का इंटरचेंजिंग प्वॉइंट बनेगा बोटेनिकल गार्डेन नोएडा सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डेन मेट्रो रूट को केंद्र की हरी झंडी मिल चुकी है। यह स्टेशन तीन मेट्रो लाइन का इंटरचेंज प्वॉइंट होगी। अब तक यहां ब्लू और मजेंटा लाइन है। निर्माण के बाद इसमें एक्वा लाइन भी जुड़ जाएगी। यहां बस स्टैंड होने के चलते आने वाले दिनों में मुसाफिरों की संख्या में और भी इजाफा होगा। उधर, डीएमआरसी मजेंटा लाइन को सबसे बड़ा मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है। बोटेनिकल गार्डेन से इंद्रलोक तक इस कॉरिडोर की लंबाई 89 किलोमीटर होगी, जिसमें 65 स्टेशन होंगे। इसकी घोषणा पहले ही हो चुकी है। 61.62 किलोमीटर होगा नोएडा-ग्रेनो नेटवर्क : सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डेन मेट्रो रूट बनने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा का मेट्रो नेटवर्क 61.62 किलोमीटर का हो जाएगा। अभी सेक्टर-51 से डिपो मेट्रो स्टेशन तक के 21 स्टेशनों वाले रूट की लंबाई 29.7 किलोमीटर है। डिपो से बोड़ाकी तक 2.60 किलोमीटर का मेट्रो रूट तैयार होना है। डिटेल डिजाइन सर्वे के बाद टेंडर होगा जारी एनएमआरसी ने सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डेन, ग्रेनो वेस्ट मेट्रो, डिपो से बोड़ाकी तीनों परियोजनाओं में डिटेल डिजाइन सर्वे के लिए एजेंसी का नाम तय हो चुका है, बस अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। एजेंसी मेट्रो ट्रैक, स्टेशन की सिविल डिजाइन, विद्युत यांत्रिक के काम और लागत पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एनएमआरसी को उपलब्ध करवाएगी। इसके साथ ही निर्माण के दौरान बतौर सलाहकार सहयोग देगी। इसके बदले में करीब 24 करोड़ रुपये का भुगतान एनएमआरसी करेगा। बात अगर सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डेन मेट्रो रूट की करें तो टोटल स्टेशन सर्वे, मिट्टी का परीक्षण पहले भी करवाया जा चुका है। अब डिटेज डिजाइन सर्वे होना है, जिसमें करीब 2 महीने का समय लगने का अनुमान है। इसके बाद एनएमआरसी इस परियोजना में स्टेशन निर्माण, ट्रैक निर्माण का टेंडर करवाएगा। फिर ट्रैक बिछाने, विदयुत यांत्रिक से जुड़े काम के टेंडर होंगे।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 15, 2026, 04:45 IST
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