अमृतसर: दस साल पहले 400 करोड़ की लागत से बना बीआरटीएस कॉरिडोर, 45 दिन में इन्फ्रास्ट्रक्चर हटाने में लगा नगर निगम
पूरे भारत के 30 शहरों में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रोजेक्ट (बीआरटीएस) के तहत लोगों को सुविधा देने के लिए एसी बसों को चलाया गया था। 2016 में अकाली-भाजपा सरकार के समय अमृतसर में जनता का 400 करोड़ खर्च कर 93 बसों को शुरू किया गया था, लेकिन 2017 में कांग्रेस सरकार आने पर 2018 में इसे घाटे का सौदा करार देते बंद कर दिया था। 2019 में लोकसभा चुनाव को देखते और लोगों को आ रही परेशानी के चलते इसे दोबारा शुरू किया गया। हालांकि बीआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत 1500 लोगों को रोजगार मिला था। लेकिन समय-समय पर सरकारों के बदलने के चलते बसों के पहियों को ब्रेक लगती गई। आम आदमी पार्टी सरकार ने बिना किसी नोटिफिकेशन के इसे बंद कर दिया। इस कारण 1500 कर्मचारी बेरोजगार हो गए, वहीं शहर के हजारों-लाखों लोग जो कम पैसों में सफर करते थे, उनको दोबारा ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। वहीं वेरका बाईपास स्थित बीआरटीएस बस टर्मिनल में बसों की सही ढंग से देखभाल न होने के चलते उनकी हालत कंडम हो चुकी है। बता दें कि बीआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत 3 बड़े स्टेशन बनाए गए थे, जबकि छोटे-छोटे 10 स्टेशन बने थे। जिनमें से बटाला रोड, लारेंस रोड, बस स्टैंड, छेहर्टा, पुतलीघर के स्टेशनों के हालात यह बन चुके है कि वहां पर न तो टिकट काउंटर पर कोई उपकरण बचा है और न ही दरवाजें। जिसके चलते अब सरकार ने शहर में बीआरटीएस कारिडोर के इन्फ्रास्ट्रक्चर हटाने के लिए नगर निगम को 45 दिन का समय दिया।
अमृतसर: दस साल पहले 400 करोड़ की लागत से बना बीआरटीएस कॉरिडोर, 45 दिन में इन्फ्रास्ट्रक्चर हटाने में लगा नगर निगम #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 22, 2026, 13:53 IST
अमृतसर: दस साल पहले 400 करोड़ की लागत से बना बीआरटीएस कॉरिडोर, 45 दिन में इन्फ्रास्ट्रक्चर हटाने में लगा नगर निगम #VaranasiLiveNews
