Gurugram News: फूलों से सजेगा शहर, प्रदूषण का घटेगा असर
जीएमडीए ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज पर हरियाली बढ़ाने की योजना पर कर रहा कामनंबर गेम - 9,625 तरह के पौधे लगेंगे98.80 लाख रुपये खर्च होंगेमनोज धर द्विवेदीगुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) मास्टर सड़कों की ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज पर हरियाली बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत सेक्टर-81, 83, 86 और 87 समेत अन्य सड़कों की ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज पर झाड़ीदार के साथ आठ प्रकार के फूलदार व सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। इससे प्रदूषण नियंत्रण में राहत मिलेगी और सड़कें अधिक सुंदर नजर आएंगी।शहर की प्रमुख सड़कों की देखरेख की जिम्मेदारी जीएमडीए के पास है। पहले हरियाली विकसित करने का कार्य सीएसआर के तहत निजी कंपनियों को दिया गया था लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। अब जीएमडीए स्वयं इस योजना को लागू कर रहा है। इसके तहत न्यू गुरुग्राम की विभिन्न सड़कों पर हरियाली बढ़ाने के लिए निविदाएं जारी की गई हैं। ठेका लेने वाली एजेंसी को तीन वर्ष तक पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। जीएमडीए के अनुसार, चरणबद्ध तरीके से शहर में हरियाली बढ़ाई जाएगी। कई सड़कों के लिए पौधरोपण के एस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं और मानसून के दौरान बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। ---------------------इस योजना से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण में भी सुधार होगा। -प्रवीण कुमार, एसई, जीएमडीए------------------------इन सड़कों पर बढ़ेगी हरियाली- सेक्टर-86/81 डिवाइडिंग रोड के ग्रीनबेल्ट और सेंट्रल वर्ज का विकास किया जाएगा। ग्रीनबेल्ट का सौंदर्यीकरण, पौधरोपण, सिंचाई व्यवस्था, घास व पौधों की देखभाल सहित सभी कार्य किए जाएंगे। ठेकेदार को करीब तीन वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। इस रोड पर 9,625 विभिन्न प्रकार के पौधे और 891 झाड़ीदार पौधे लगेंगे। इस पर 98.80 लाख रुपये खर्च होंगे।- सेक्टर-86/87 से सेक्टर-81 की आउटर रोड, सेक्टर-81 की आउटर रोड व सेक्टर-83/36ए की डिवाइडिंग रोड पर ग्रीनबेल्ट और सेंट्रल वर्ज का विकास किया जाएगा। यह कार्य एनएच-48 से सेक्टर-83/84 के टी-पॉइंट तक भी किया जाएगा। विभिन्न प्रकार के 55,885 पौधे और झाड़ीदार 7,800 पौधे लगाए जाएंगे। इस पर 3.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पौधरोपण, घास विकसित करना, सिंचाई व्यवस्था, लैंडस्केपिंग और हरित क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। ठेकेदार को तीन साल तक देखरेख करना होगा।ये पौधे लगेंगेअमलताश का पौधा अप्रैल व मई में पीले फूलों के लंबे लंबे गुच्छों से भर जाता है, इसे गोल्डन शॉवर ट्री भी कहते हैं। इसी प्रकार गुलमोहर लाल फूलों वाला पौधा होता है। कचनार का पौधा सुंदर गुलाबी/सफेद फूल वाला होता और फरवरी-अप्रैल में फूल आते हैं। स्पेथोडिया को अफ्रीकन ट्यूलिप ट्री भी कहते हैं। उसे नारंगी-लाल बड़े आकर्षक फूल और तेजी से बढ़ने वाला पौधा है। टेबुबिया रोसिया का गुलाबी रंग के सुंदर फूल होता है। पिलखना का पौधा छायादार होता और गर्मी में अच्छी ठंडी छाया देता है, पर्यावरण के लिए बहुत लाभकारी है। फिकस शीला का पौधा घना, गोलाकार और सजा हुआ आकार में होता है। अशोक (देसी) का पौधा धार्मिक और औषधीय महत्व वाला होता है। धूल व शोर कम करने में सहायक होता है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 14, 2026, 16:50 IST
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