पेपरलेस योजना पर सवाल: 10 साल बाद भी हरियाणा में लाखों के कागज खरीदे गए, आरटीआई में खुलासा

हरियाणा के औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को पेपरलेस बनाने की योजना पर 26 लाख रुपये खर्च करने का दावा किया गया था, लेकिन दस साल पहले ई-ऑफिस लागू करने की घोषणा के बाद भी 14 जून 2026 तक कागज और स्टेशनरी की खरीद के लिए तकरीबन 26 लाख रुपये के भुगतान दर्ज हैं। 25 मई 2016 को जारी हरियाणा सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को राज्य का पहला पेपरलेस विभाग बनाने की योजना बताई थी। ई-ऑफिस व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू होनी थी। पहले चरण में मुख्यमंत्री कार्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री, विभाग के प्रधान सचिव, निदेशालय और पंचकूला, कैथल, रोहतक व अंबाला शहर के सरकारी आईटीआई शामिल किए गए थे। बाद में इसे प्रदेश के सभी आईटीआई तक विस्तार देने और छह महीने में पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य था। इस तरह तैयारी में 26 लाख खर्च उस समय विभाग के पास 143 सरकारी और 115 निजी आईटीआई का नेटवर्क था। चार हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर और एनआईसी सर्विसेज इंक को सॉफ्टवेयर, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की जिम्मेदारी दी गई थी। विभाग ने सॉफ्टवेयर व विशेषज्ञता के लिए नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इंकॉर्पोरेटेड (एनआईसीएसआई) को 26 लाख रुपये जमा करवाए थे। हरियाणा राज्य डेटा सेंटर ने सर्वर उपलब्ध कराया था। आरटीआई में निदेशालय की विभिन्न शाखाओं के लिए ए-4, लीगल, फोटोकॉपी और अन्य स्टेशनरी कागज की खरीद की गई है। साल-दर-साल कागज की खरीद साल - राशि(लाख) 2016 - 5,15,230 2017 - 1,50,700 2018 - 54,714 2019 - 1,45,100 2020-23 - 1,25,050 2024 - 5,03,155 2025 - 4,69,150 14 जून 2026 तक 5,37,343 रुपये का खर्च पेपरलेस व्यवस्था पर सवाल ई-ऑफिस का उद्देश्य सरकारी फाइलों और कार्यालयी कामकाज को डिजिटल बनाकर कागज पर निर्भरता घटाना था। लेकिन निदेशालय की शाखाओं में लगातार खरीद से सवाल उठता है कि व्यवस्था कितनी शाखाओं में लागू हुई और कितना काम अब भी कागज पर हो रहा है। खरीद अपने आप में ई-ऑफिस के विफल होने का प्रमाण नहीं है, क्योंकि कुछ कामों में कागज की जरूरत बनी रह सकती है। अधिकारी के अनुसार ई-ऑफिस में पेपर की खरीद को लेकर विभागीय स्तर पर 15 दिन में जानकारी मांगी गई है। अगर ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने में कोई खामियां मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लूंगा। -गौरव गौतम, मंत्री, युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 20, 2026, 08:47 IST
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