Mandi News: देव महासू बखरास के जयकारों से गूंजे बखोल-गोडन गांव
करसोग (मंडी)। सुकेत रियासत की प्राचीन देव संस्कृति और लोक आस्था का प्रतीक बखोल-गोडन का तीन दिवसीय परैहता मेला रविवार को संपन्न हो गया। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को ग्रामीणों ने इस बार भी पूरे श्रद्धा भाव से निभाया।देव महासू बखरास के आगमन पर क्षेत्र के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया और देवता का आशीर्वाद लिया। सुकेत के संस्थापक राजा वीरसेन और राजपुरोहित नागेंद्र से जुड़ी इस परंपरा के तहत देवता ने बखरास से बखोल और गोडन तक करीब 10 से 12 किलोमीटर की यात्रा की।रास्ते में जोहड़, ठंडापानी, पजैरठी, कलाशन, दारली, सलाड़ी, जौण, नगराओं और पांगणा के श्रद्धालुओं ने धूप-दीप, फूल, अन्न और अखरोट चढ़ाकर देवता के प्रति अपनी आस्था जताई। पांगणा खड्ड के किनारे धान के खेतों में देवता के रथ ने पारंपरिक नृत्य किया।मेले में ग्रामीणों की ओर से भंडारे का आयोजन भी किया गया। गूर रामचुराम और पजैरे नरेंद्र ने बताया कि करसोग क्षेत्र के बखरास, कटवाहची, काहणु-सरेच, शिवा देओरा और सनारली स्थित देव महासू मंदिरों में भी लोगों की गहरी आस्था है।उन्होंने चिंता जताई कि आधुनिकीकरण के चलते परैहते में बांठड़ा और करयाले की पारंपरिक धुनें अब सुनाई नहीं देतीं।बखोल के मस्तराम, अमर सिंह और गोडन के गंगू, दिवाकर, ठाकुर और शुकरू राम ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। मेले में पंचायत प्रधान शारदा, महिला मंडल की सदस्यों, वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों ने सहयोग दिया। रविवार शाम देवता अपनी बखरास कोठी लौट गए।
#Bakhol-GodanVillageResoundsWithChantsOf'JaiDevMahasuBakharas' #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 01, 2026, 22:28 IST
Mandi News: देव महासू बखरास के जयकारों से गूंजे बखोल-गोडन गांव #Bakhol-GodanVillageResoundsWithChantsOf'JaiDevMahasuBakharas' #VaranasiLiveNews
