मोबाइल एप से ई-रिक्शा लॉक किए जाने के बढ़ते मामलों ने चालकों की नींद उड़ा दी है।
मोबाइल में एप के जरिए ब्लूटूथ से कनेक्ट कर ई-रिक्शा लॉक करने के मामलों ने उड़ाई चालकों की नींद खैराबाद: मोबाइल एप से ई-रिक्शा लॉक किए जाने के बढ़ते मामलों ने चालकों की नींद उड़ा दी है। जिले में ई-रिक्शा लॉक किए जाने के तीन दिनों में 180 से 200 मामले सामने आए हैं। रिक्शा चालकों का कहना है कि इससे उन पर दोहरी मार पड़ती है। सवारियों को बीच रास्ते में उतारना पड़ता है। इससे आमदनी ठप होती और ई-रिक्शा अनलॉक कराने में करीब 200 रुपये खर्च होते हैं। ई-रिक्शा वितरक इसे शरारती तत्वों की करतूत मानते हैं। भारत ऑटो उड़ान एजेंसी के मालिक रिजवान कहते हैं कि उनके पास तीन दिन में 60 ऐसे मामले आए हैं। मुख्य शाखा पर लगभग 180 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि शरारती लोग शोसल मीडिया पर वीडियो देखकर चाइनीज एप बीएटी-बीएमएस डाउनलोड करते हैं। यह एप कमजोर सुरक्षा संसाधनों वाले लिथियम बैटरी युक्त ई-वाहन को बंद कर देता है। अपने फोन में ब्लूटूथ से करीब 10 से 15 मीटर की दूरी तक खड़ा ई-रिक्शा की लिथियम बैटरियों से जुड़ सकता है। डिफॉल्ट ब्लूटूथ सेटिंग का उपयोग करके बिना किसी पासवर्ड के बैटरी को बंद किया जा सकता है। हालांकि, अब एप बंद होनी की बात सामने आ रही है। फिलहाल प्लेस्टोर से एप डिलीट नहीं हुआ है। जिले में पिछले तीन दिनों के दरम्यान सुजावलपुर के फरहान, कलेक्टर व बड़ेलिया निवासी शुशील कुमार, शैलेंद्र समेत सैकड़ों लोगों का ई-रिक्शा लॉक किया गया है। चालकों ने बताया कि रिक्शा बंद होने पर दूसरे बाहन में बांधकर सर्विस सेंटर ले जाना पड़ता है। इसका भाड़ा व सर्विस सेंटर का खर्च मिलाकर करीब 200 रुपये लगते हैं। थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक किसी ई-रिक्शा चालक ने थाने पर इस संबंध में कोई शिकायत नहीं की है। अगर ऐसा है तो शरारती तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
मोबाइल एप से ई-रिक्शा लॉक किए जाने के बढ़ते मामलों ने चालकों की नींद उड़ा दी है। #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 04, 2026, 13:27 IST
मोबाइल एप से ई-रिक्शा लॉक किए जाने के बढ़ते मामलों ने चालकों की नींद उड़ा दी है। #VaranasiLiveNews
