फगवाड़ा के बगलामुखी धाम में होली के उपलक्ष्य में संकीर्तन

शिव शक्ति माँ बगलामुखी धाम में होली के उपलक्ष्य में संकीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष पंडित विजय शास्त्री ने कहा नारद जी ने ऐसा सुंदर मंत्र दिया प्रह्लाद को 'ओम् नमो भगवते वासुदेवाय' कि भगवान नारायण की कृपा से बड़े से बड़े दुख कष्ट से बचते रहे। हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को बहुत यातनाएं दी पहाड़ों से गिराया, पानी में डुबो दिया, हाथी के पैरों तले कुचला और बुआ अग्नि में प्रह्लाद को लेकर बैठ गई। प्रहलाद परमात्मा नारायण की कृपा से बच गए, बुआ होलीका अग्नि में जल गई। तभी से होली मनाने की परंपरा का प्रारंभ हुई। तब हिरण्यकशिपु ने कहा पुत्र तुम बार बार बच जाते हो ,कौन तुम्हें बचाता है तब प्रहलाद ने कहा पिताजी श्री हरि नारायण मुझे बचाते हैं। तब हिरण्यकशिपु पूछता है तेरा नारायण है कहाँ प्रहलाद ने जब कहा कि मेरे नारायण सभी जगह हैं, इस खंबे में भी हैं तब हिरण्यकशिपु ने तलवार निकाली और स्तंभ में मारी। स्तंभ को तोड़कर भगवान नारायण प्रगट हो गये नर्सिंह का अवतार लेकर। भगवान प्रकट हुए आधा शरीर मनुष्य का आधा सिंह का। तब उन्होंने हिरण्यकशिपु का उद्धार कर दिया। भगवान नारायण के नरसिहं अवतार को देखकर लक्ष्मी जी घबरा गईं। जब प्रह्लाद को भगवान के पास भेजा तब भगवान शांत हुए। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष रमन शर्मा, रीटा कालड़ा, रुपेश धीर, आरजु शर्मा, रमा शर्मा, गौरी शर्मा, मंजू पारासर, सरिता शर्मा, आरती, बाबा, पुष्पा गुप्ता, वैजययंती गुप्ता, सुनील गुप्ता, तरुण मित्तल, सुनील शर्मा आदि भी उपस्थित थे।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 01, 2026, 11:17 IST
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