सावन की शुरुआत होते ही मंदिरों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, ओम नमः शिवाय' के जयकारों से गुंजायमान हुए पानीपत के शिवालय

पावन सावन माह की शुरुआत वीरवार को अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ हो गई। पहले ही दिन तड़के से ही शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया। हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने शिवालय में जल और पंचामृत से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया और परिवार की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। मंदिरों में तड़के 5:00 बजे भगवान शिव और उनके पूरे परिवार का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद कपाट दर्शनों के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा और सफेद फूल अर्पित किए। मुख्य आरती और प्रसाद वितरण के बाद मंदिरों में ढोलक और मंजीरों की थाप पर भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ। दिनभर और विशेष रूप से शाम के समय मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सावन में रुद्राभिषेक से दूर होते हैं समस्त कष्ट प्रसिद्ध आचार्य पंडित भगवत व्यास ने सावन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह महीना भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने, नए संकल्प लेने और व्रत-पूजन की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम है। यह समय आत्मशुद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। उन्होंने बताया कि सावन के सोमवार, जन्मदिन, नाग पंचमी या शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कराने से जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। इससे देवता, पितृ और कुलदेवी-कुलदेवता प्रसन्न होते हैं, जिससे धन-धान्य, व्यापार में लाभ, कुल में वृद्धि और समाज में मान-सम्मान व प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। निरंतर ओम नमः शिवाय' का जाप करने से मन शांत रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सावन की शुरुआत होते ही मंदिरों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, ओम नमः शिवाय' के जयकारों से गुंजायमान हुए पानीपत के शिवालय #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 30, 2026, 09:17 IST
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