Hamirpur (Himachal) News: विदेशों तक पहुंची माला के शीरे की मिठास
ऊना। वर्षों से घर की रसोई में बनाए जाने वाले पारंपरिक शीरा (गेहूं से बना एक पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन) को जिले की माला रानी ने विदेशों में भी खासी पहचान दिलाई है। उनकी ओर से पारंपरिक तरीके से बनाया जाने वाला शीरा आज न केवल देश के विभिन्न राज्यों में पहुंच रहा है, बल्कि विदेशों में भी खूब पसंद किया जा रहा है। देश-विदेश में मांग होने के कारण माला रानी इसकी कूरियर के माध्यम से बिक्री कर रही हैं। शीरे के पारंपरिक स्वाद ने जहां माला रानी को आत्मनिर्भर बनाया है, वहीं कई ग्रामीण महिलाओं में भी आत्मनिर्भरता की उम्मीद जगाई है। माला रानी ने बताया कि शीरा बनाने की विधि उन्हें उनके बुजुर्गों से मिली है। माह में लगभग 80 किलोग्राम शीरे की बिक्री आराम से हो जाती है। इससे उन्हें लगभग 20 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। उन्होंने बताया कि शीरे को बनाने के लिए वह स्वयं सहायता समूह की आठ से दस महिलाओं की मदद लेती हैं। इससे उन्हें भी रोजगार मिल रहा है। घर में बुजुर्गों की ओर से बनाए जाने वाले शीरे के महत्व को पहचानते हुए जिला ऊना के बटूही गांव की निवासी माला रानी ने आज से चार वर्ष पहले स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़कर शीरे को बनाकर बेचना शुरू किया था। शुरुआत में ग्राहकों तक पहुंच बनाने में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन माला रानी के मन में हार न मानने के जुनून ने धीरे-धीरे इसे बाजार तक पहुंचाया। यहां तक कि वर्तमान में डीआरडीए की ओर से रेलवे स्टेशन ऊना में मिली वन स्टेशन वन प्रॉडक्ट आउटलेट पर देश-विदेश से आने वाले यात्रियों की ओर से इसकी अच्छी खरीद की जा रही है। इनमें दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश के ग्राहक शामिल हैं। वहीं, विदेशों ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में रहने वाले भारतीय भी इसे नियमित ग्राहकों के तौर पर खरीद रहे हैं। विदेशों से फोन कॉल पर ऑर्डर लेकर उत्पाद को तैयार कर सोमभद्रा नाम से कूरियर के माध्यम से ग्राहक तक पहुंचाया जा रहा है। माला रानी आधा किलोग्राम की पैकिंग 200 रुपये में बेच रही हैं।
#TheSweetnessOfMala'sSyrupReachedAbroad. #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 01, 2026, 00:40 IST
Hamirpur (Himachal) News: विदेशों तक पहुंची माला के शीरे की मिठास #TheSweetnessOfMala'sSyrupReachedAbroad. #VaranasiLiveNews
