Panipat News: मानसून आने के बाद आई यमुना में बाढ़ से बचाव कार्य की याद

सनौली। यमुना नदी में लगातार हो रहे जलस्तर के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण और तटबंधों को मजबूत करने के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। नियमानुसार मानसून के आगमन और बारिश से पहले यमुना में पक्की ठोकरें लगाने का काम पूरा कर लिया जाना चाहिए था। लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया में हुई अत्यधिक देरी के कारण पत्थरों की पक्की ठोकर नहीं लग पाई हैं। अब स्थिति को संभालने के लिए सिंचाई विभाग आनन-फानन में किनारों पर सीधे ही पत्थर डालकर कच्ची ठोकर लगाने की खानापूर्ति कर रहा है। जानकारों का कहना है कि बाढ़ के दिनों में जब यमुना का बहाव तेज होगा, तो बिना मजबूत बेस के डाले गए ये पत्थर पानी के साथ बह सकते हैं, जिससे तटबंधों को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। दूसरी तरफ विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बाढ़ बचाव प्रबंधन के तहत करीब 9.60 करोड़ रुपये की लागत से तामशाबाद, खोजकीपुर, बिलासपुर व गोयला में पत्थरों की नई ठोकरें लगाने, पुरानी की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि पूरी टीम के साथ विभिन्न साइटों का निरीक्षण किया और ठेकेदारों को लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। गोयला गांव में काम लगभग पूरा कर लिया गया है।

#TheMonsoonBroughtBackMemoriesOfFloodReliefWorkInTheYamuna. #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 14, 2026, 06:03 IST
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