Rohtak News: डिग्री का क्रेज घटा, नौकरी वाले कोर्सों की बढ़ी मांग
नेकीराम कॉलेज में कभी 20 हजार तक पहुंचते थे आवेदन, इस बार 8 हजार से कमकरिश्मा रंगारोहतक। स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए रविवार को आवेदन की अंतिम तिथि थी। ऐसे में जिले के आठ सरकारी कॉलेजों में हजारों विद्यार्थियों ने आवेदन किए। इस बार दाखिले का आंकड़ों ने उच्च शिक्षा के बदलते ट्रेंड की एक नई तस्वीर सामने लाई है।शहर के कॉलेजों में सीटों से कई गुना अधिक आवेदन पहुंचे हैं जबकि ग्रामीण और बाहरी क्षेत्र के कई कॉलेजों में आधी सीटों के बराबर भी आवेदन नहीं आए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जिन कॉलेज में कभी 15 से 20 हजार तक आवेदन आते थे वहां अब 8 हजार से भी कम आ रहे हैं।शहर का राजकीय नेकीराम कॉलेज लंबे समय से न केवल शहर बल्कि प्रदेश के सबसे पसंदीदा सरकारी कॉलेजों में गिना जाता रहा है। पहले यहां पर हजारों विद्यार्थी दाखिले के लिए आवेदन करते थे लेकिन इस बार उल्लेखनीय गिरावट देखने के लिए मिली है।यह स्थिति तब है जब कॉलेज में बीसीए, बीबीए और कॉमर्स जैसे रोजगारोन्मुखी कोर्सों की मांग लगातार बढ़ रही है। राजकीय महिला कॉलेज में 2,400 सीटों पर 3,623 आवेदन आए हैं। संवादरोजगार आधारित कोर्स बने पहली पसंदआवेदनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के दो सबसे बड़े सरकारी कॉलेजों में सीटों के मुकाबले आवेदन संख्या काफी अधिक रही है। राजकीय नेकीराम कॉलेज में विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों की कुल 2,580 सीटों के लिए 7,978 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यानी प्रत्येक सीट के लिए औसतन तीन से अधिक दावेदार मैदान में हैं। वहीं, राजकीय महिला महाविद्यालय में 2,400 सीटों के मुकाबले 3,623 आवेदन पहुंचे हैं। हालांकि, महिला कॉलेज में भी कई लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में सीटों से अधिक आवेदन आए हैं। दाखिला आंकड़े बताते हैं कि नेकीराम कॉलेज में औसतन प्रत्येक सीट के लिए तीन से अधिक अभ्यर्थी मैदान में हैं जबकि बीबीए और बीसीए जैसे प्रोफेशनल कोर्सों में यह प्रतिस्पर्धा 8 से 9 विद्यार्थियों प्रति सीट तक पहुंच गई है। महिला कॉलेज में कुल 2,400 सीटों के लिए 3,623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रत्येक सीट पर औसतन 1.5 छात्राओं के बीच प्रतिस्पर्धा है। सबसे अधिक मुकाबला बीबीए (3.6 आवेदन प्रति सीट), बीसीए (2.6 आवेदन प्रति सीट) और साइकोलॉजी (2.4 आवेदन प्रति सीट) में देखने को मिल रहा है।आखिर क्यों घट रहा है नियमित कॉलेजों के प्रति आकर्षणमोटिवेशनल स्पीकर एवं करियर काउंसलर विपुल शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं की प्राथमिकताएं तेजी से बदली हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी 12वीं के बाद ड्रॉप लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। एसएससी, सीईटी, बैंकिंग और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए छात्र नियमित कॉलेजों से दूरी बना रहे हैं। कई युवा निजी क्षेत्र में नौकरी करते हुए डिस्टेंस एजुकेशन से डिग्री हासिल करना ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं। विदेशों में पढ़ाई और रोजगार के अवसरों की बढ़ती चाहत भी उच्च शिक्षा संस्थानों पर असर डाल रही है। मूलभूत सुविधाओं पर भी उठ रहे सवालसरकारी कॉलेजों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी विद्यार्थियों को प्रभावित करती है। कई कॉलेजों में स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त पेयजल, पंखों की व्यवस्था, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब जैसी सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में विद्यार्थी निजी विश्वविद्यालयों या अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।अब आगे क्या - 2 जून को आपत्तियों वाली सूची जारी होगी।- 6 जून तक दस्तावेज सत्यापन और आपत्तियों का निस्तारण होगा।- 8 जून को पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी होगी। - 11 जून को पहली मेरिट सूची जारी होगी। -12 से 15 जून तक पहली मेरिट के विद्यार्थियों को फीस जमा करनी होगी। - 17 जून को दूसरी मेरिट सूची जारी होगी। कहां कितना मुकाबला प्रमुख कोर्सों में मुकाबलाकोर्स नेकीराम कॉलेज महिला कॉलेजबीए 720 सीटें , 2788 आवेदन 800 सीटें , 1460 आवेदनबीकॉम320 सीटें , 710 आवेदन 440 सीटें , 355 आवेदनबीसीए120 सीटें , 1006 आवेदन 120 सीटें , 308 आवेदनबीएससी860 सीटें , 1609 आवेदन 660 सीटें , 860 आवेदनबीबीए60 सीटें , 562 आवेदन 60 सीटें , 216 आवेदन
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- Source: www.amarujala.com
- Published: May 31, 2026, 17:43 IST
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