'बहन को संपत्ति में नहीं दिया हिस्सा, घर से भी निकाला': केटीआर पर बरसे सीएम रेवंत रेड्डी; केसीआर को भी घेरा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को भारत राष्ट्र समिति के नेता केटी रामाराव (केटीआर) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केटीआर ने पारिवारिक संपत्ति में हिस्सा देने से इनकार कर दिया और अपनी बहन के कविता को घर से बाहर कर दिया। रेवंत रेड्डी अपने विधानसभा क्षेत्र कोडंगल में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी बहन का ख्याल नहीं रख सकता, वह राज्य की जनता के लिए क्या करेगा के कविता को लेकर क्या कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि के कविता जेल से सजा काटकर घर लौटी थीं। ऐसे समय में परिवार के लोगों को उनका साथ देना चाहिए था। लेकिन केटीआर ने ऐसा नहीं किया। रेवंत रेड्डी ने कहा, 'मैं महिलाओं को इंदिरम्मा साड़ियां देकर भाई के रूप में अपना आभार जताने की कोशिश कर रहा हूं। लेकिन केटीआर को देखिए। वह परिवार की संपत्ति बांटने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने अपनी बहन को ही घर से निकाल दिया।' उन्होंने आगे कहा कि केटीआर अपनी बहन के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर सके तो महिलाओं के हित में काम करने के उनके दावों पर कैसे भरोसा किया जा सकता है के कविता दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले में जेल गई थीं। बाद में उन्हें बीआरएस से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी तेलंगाना रक्षण सेना बनाई। केसीआर को क्यों घेरा रेवंत रेड्डी ने बीआरएस प्रमुख और केटीआर के पिता के चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक पिता की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने बेटे को बहन का ख्याल रखने की सीख दे। लेकिन केसीआर ने ऐसा नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा, 'जो व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों को अच्छी बातें नहीं सिखा सकता, वह तेलंगाना के चार करोड़ लोगों का भला कैसे करेगा' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केसीआर ने मुख्यमंत्री रहते हुए दस साल तक राज्य के साथ अन्याय किया। क्या है सरकार का लक्ष्य रेवंत रेड्डी ने कहा कि जब दिसंबर 2023 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला था, तब राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों की संख्या करीब 60 लाख थी। अब यह बढ़कर 70 लाख हो गई है। सरकार का लक्ष्य 2034 तक इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उनकी जिंदगी का एक ही लक्ष्य है कि एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाया जाए। इसके लिए सरकार महिलाओं को रोजगार और कारोबार से जोड़ रही है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की वर्दी सिलने का काम स्वयं सहायता समूहों को दिया गया है। इससे ये समूह हर साल 150 से 200 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहे हैं। महिलाओं के समूहों को पेट्रोल पंप और सौर ऊर्जा उत्पादन जैसे कामों में भी भागीदार बनाया गया है। पिछले 34 महीनों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंकों के माध्यम से 79 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिलाया गया है। महिलाओं को कब मिलेंगी इंदिरम्मा साड़ियां मुख्यमंत्री ने बताया कि 19 नवंबर से महिलाओं को मुफ्त इंदिरम्मा साड़ियां बांटने का दूसरा चरण शुरू होगा। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 4.5 लाख नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन मंजूर की हैं। इनमें से 3.5 लाख पेंशन एकल महिलाओं और विधवाओं को दी गई हैं। बुनकरों और ताड़ी निकालने वाले कामगारों के लिए भी पेंशन मंजूर की गई है। रविवार को अपना जन्मदिन मना रहे रेवंत रेड्डी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह जिला परिषद सदस्य, विधान परिषद सदस्य, विधायक और सांसद रह चुके हैं। अब वह मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में अब उन्हें किसी पद की इच्छा नहीं है। उनका लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 08, 2026, 16:29 IST
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