Himachal: कानूनन स्थापित यूनिवर्सिटी की डिग्री को सरकारी मंजूरी जरूरी नहीं, जानें हाईकोर्ट के बड़े फैसले
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि कानून की ओर से स्थापित यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्री को मान्यता प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पैरा वेटरनेरी काउंसिल नियम-2011 के नियम-14 के उस हिस्से को असांविधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है, जो कानून की ओर से स्थापित विश्वविद्यालयों से डिग्री, डिप्लोमा धारकों को भी राज्य परिषद में पंजीकरण के लिए राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त करने के लिए बाध्य करता था। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज करने वाले काउंसिल के 28 जुलाई 2025 के पत्र को रद्द कर दिया। कोर्ट ने प्रदेश पैरा वेटरनेरी काउंसिल को आदेश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और उसे पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाए। अदालत ने कहा कि नियम बनाने की शक्ति मूल अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए दी जाती है। याचिकाकर्ता हिमाचल प्रदेश की मूल निवासी है और पंजाब के बठिंडा से डिप्लोमा इन वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हेल्थ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई पूरी की थी। यह कॉलेज गुरु अंगद देव वेटरनेरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी लुधियाना का एक घटक संस्थान है, जो कानून की ओर से स्थापित है। डिप्लोमा पूरा करने के बाद याचिकाकर्ता ने हिमाचल प्रदेश पैरा वेटरनेरी काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन किया। काउंसिल ने याचिकाकर्ता के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यूनिवर्सिटी हिमाचल सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा कि कानून की ओर से स्थापित यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्री को मान्यता प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं है।
#CityStates #HimachalPradesh #Shimla #HpHighCourtOrder #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 15, 2026, 19:06 IST
Himachal: कानूनन स्थापित यूनिवर्सिटी की डिग्री को सरकारी मंजूरी जरूरी नहीं, जानें हाईकोर्ट के बड़े फैसले #CityStates #HimachalPradesh #Shimla #HpHighCourtOrder #VaranasiLiveNews
