शिक्षकों की लापरवाही से रुका नौनिहालों का हक, ऑनलाइन एंट्री न होने से नहीं मिला स्टाइपेंड और भत्ता
बहादुगरढ़।शहर के सेक्टर छह स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही से पोर्टल पर डाटा अपडेट न किए जाने से बच्चों को स्टाइपेंड, वर्दी भत्ता व स्टेशनरी भत्ता नहीं मिल सका। इसको लेकर वीरवार को 25 अभिभावकों ने प्रदर्शन किया।इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीइईओ) शेर सिंह और स्कूल प्रभारी गांव सांखौल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य संजय राठी मौके पर पहुंचे। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों के खाते में स्टाइपेंड व भत्तों की राशि नहीं मिली है।इस पर अधिकारियों ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि शिक्षकों की ओर से रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट नहीं किया गया था। बीईओ शेर सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने मार्च माह तक रिकॉर्ड प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए और बताया कि रिकॉर्ड अपडेट होने पर संबंधित राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी का हक नहीं रुकेगा।अभिभावकों ने यहां से दूसरे स्कूलों में भेजे गए सभी टीचरों को वापस बुलाने की मांग को लेकर भी हंगामा किया। स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) प्रधान किरण व अन्य अभिभावकों से बातचीत की और समझाया कि पुराने टीचरों की आपसी खींचतान की वजह से बच्चों की केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसी वजह सभी 10 टीचरों को यहां से बदलकर दूसरे स्कूलों में भेज दिया है। अभिभावक बोले कि यह समय परीक्षा का है। ऐसे में पुराने टीचरों का बदला उचित नहीं। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होगी। नए टीचर भी उन्हें अच्छे से पढ़ाएंगे।स्कूली बच्चों को मिलती है यह प्रोत्साहन राशि मद राशिवर्दी भत्ता 800 रुपयेस्टेशनरी 220 रुपयेएससी गर्ल्स स्टाइपेंड 2700 रुपये सालानाएससी ब्वायज स्टाइपेंड 1800 रुपये सालानाबीपीएल व बीसी ब्वायज 900 रुपये सालानाबीपीएल व बीसी गर्ल्स 1800 रुपये सालानाएससी के लिए वन टाइप स्टाइपेंडकक्षा राशि पहली-दूसरी 740तीसरी 750चौथी 970पांचवीं 980नोट: यह डाटा शिक्षा विभाग के टीचरों से बातचीत के आधार पर है। स्कूल में आज कुछ अभिभावक आए थे। पुराने टीचरों को वापस बुलाने की मांग कर रहे थे। पता चला कि बच्चों को स्टाइपेंड, वर्दी व अन्य भत्ता नहीं मिला है। जांच की तो पता चला कि बच्चों का रिकॉर्ड टीचरों की ओर से ऑनलाइन अपडेट नहीं किया गया था। अब इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। मार्च माह तक जिन-जिन बच्चों को भत्ता नहीं मिला है उनका रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाएगा और बच्चों को जल्द ही भत्ता राशि उनके खाते में मिल जाएगी। -शेर सिंह, बीईओ, बहादुरगढ़।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 27, 2026, 02:50 IST
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