Jhansi: ताले में बंद हैं हस्तशिल्पियों के सपने, तीन करोड़ की लागत से तैयार अरबन हाट की दुकानें पड़ी वीरान

अरबन हाट के मुख्य द्वार पर लगे ताले में हस्तशिल्पियों के सपने भी बंद पड़े हुए हैं। साल में कभी-कभार ही हाल खुलता है। हालांकि, अब झांसी विकास प्राधिकरण ने इसके संचालन का ठेका निजी फर्म को दे दिया है। नवीनीकरण का काम पूरा होते ही हाट शुरू होनी की उम्मीद है। बुंदेलखंड के हस्तशिल्पियों को शहर में बाजार उपलब्ध कराने के लिए किले की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला ग्राउंड में अरबन हाट का निर्माण किया गया था। यह हाट 2020 में बनकर तैयार हो गया था। लेकिन, करीब छह एकड़ के क्षेत्रफल में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से बने अरबन हाट के मुख्य द्वार पर ताला ही लटका रहता है। जबकि, इसके अंदर 55 दुकानें भी स्थित हैं, जो वीरान पड़ी हुई हैं। साल में कभी कभार ही अरबन हाट का मुख्य द्वार खुला मिलता है, जब यहां खादी ग्रामोद्योग की प्रदर्शनी का आयोजन होता है। हालांकि, अरबन हाट की योजना बेहद अच्छी, लेकिन धरातल पर उतारने की इच्छाशक्ति के अभाव में अरबन हाट वीरान पड़ी हुई है। इनका यह है कहना इस संबंध में झांसी विकास प्राधिकरण की सचिव उपमा पांडेय का कहना है कि अरबन हाट के रखरखाव और संचालन का जिम्मा दे दिया गया है। अभी इसके नवीनीकरण का काम भी फर्म की ओर से कराया जा रहा है। जल्द ही हाट शुरू हो जाएगा। वीरान पड़ा अरबन हाट का वीडियो

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 17, 2026, 08:47 IST
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