'ईरान की सेना ध्वस्त, हम कर रहे हैं भारी हमले': ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और उस पर बहुत भारी हमले किए जा रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि हाल ही में एक समझौता हुआ था, लेकिन तेहरान ने उसे तुरंत तोड़ दिया। उन्होंने कहा, हमारा एक-दो दिन पहले ही समझौता हुआ था, लेकिन उन्होंने इसे तुरंत तोड़ दिया क्योंकि उन्हें इसमें कुछ पसंद नहीं आया। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आज रात उन पर हमला कर रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी उनकी सभी क्षमताओं को खत्म कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अंत में हम पूरी स्थिति पर नियंत्रण पा लेंगे। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को मूर्ख बताते हुए कहा कि वहां अब तक 52,000 प्रदर्शनकारियों को मारा जा चुका है। क्यूबा में ईरानी ड्रोन और ट्रंप का संबोधन क्यूबा में ईरानी ड्रोनों की संदिग्ध मौजूदगी की खबरों पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस स्थिति पर नजर रख रहा है और किसी भी तैनाती को रोकेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने घोषणा की कि वह गुरुवार, 16 जुलाई को रात नौ बजे (पूर्वी समय) देश को संबोधित करेंगे। लगातार तीसरे दिन अमेरिकी हमले और नाकेबंदी यह तनाव तब बढ़ा जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इसके जवाब में अमेरिका ने तेहरान में 140 ठिकानों पर हमले किए। अब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर लगातार तीसरे दिन शाम 4:45 बजे से ईरान पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। सेंट्रल कमांड ने बताया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरानी बलों को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कमजोर करना है। इसके साथ ही सोमवार शाम 4 बजे से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी फिर से शुरू कर दी गई है। नाकेबंदी का इतिहास और नाविकों को सलाह इससे पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक नाकेबंदी की गई थी। उस दौरान अमेरिकी बलों ने नियमों का पालन करने वाले 140 से अधिक जहाजों के रास्ते बदले थे, नियमों का उल्लंघन करने वाले 9 जहाजों को निष्क्रिय किया था और मानवीय सहायता वाले 50 से अधिक जहाजों को जाने दिया था। सेंट्रल कमांड ने ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में काम करने वाले नाविकों को चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी है। ये भी पढ़ें:ईरान की नाकेबंदी कब से:अमेरिकी सेना ने बताया, होर्मुज में शुल्क वसूली को लेकर अराघची ने ट्रंप पर कसा तंज सुरक्षा शुल्क और ईरान की जवाबी चेतावनी ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा देने के लिए सभी जहाजों के माल (कार्गो) पर 20 प्रतिशत शुल्क लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अब 'होर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक' माना जाएगा। ट्रंप ने इस शुल्क का बचाव करते हुए कहा कि इस अशांत समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने के खर्च को पूरा करने के लिए यह कदम जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि तनाव के बावजूद दुनिया के बाकी देशों के लिए यह समुद्री मार्ग खुला रहेगा। इसके जवाब में ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है। खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफाघरी ने कहा कि तेहरान किसी भी हाल में अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में दखल नहीं देने देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के सशस्त्र बलों की अनुमति और तय रास्ते के बिना किसी भी जहाज को सुरक्षा देने की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 14, 2026, 03:53 IST
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