बांदा हादसा: नो-इंट्री की अनसुनी मांग ने छीन ली छह जिंदगियां, प्रशासनिक लापरवाही से सामने आए भयावह परिणाम
बिसंडा कस्बे में बुधवार शाम हुआ सड़क हादसा केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और नो इंट्री की मांग को अनसुना करने का नतीजा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भारी वाहनों की नो-इंट्री लागू कर दी जाती तो शायद छह लोगों की जान न जाती और कई परिवार उजड़ने से बच जाते। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज और एडीएम मायाशंकर लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग मुआवजे के साथ-साथ कस्बे में तत्काल नो-इंट्री लागू करने की मांग पर अड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे के भीतर से रोजाना ओवरलोड बालू ट्रक तेज रफ्तार से गुजरते हैं। कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन देकर भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह भी पढ़ें-यूपी में भीषण हादसा: साइकिल सवार शिक्षक को कुचलकर ट्राला ने ई-रिक्शा में मारी टक्कर, छह की मौत, चार गंभीर
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- Source: www.amarujala.com
- Published: May 27, 2026, 22:06 IST
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