बीएचयू: दो साल में घटे 274 पीएचडी धारक, 104 सीटों पर 30 ही इंटरव्यू; नहीं मिल रहे पहले जैसे दाखिले

BHU University Varanasi: बीएचयू में पूर्वांचल और तमाम क्षेत्रों के शोधार्थियों की घटती संख्या विश्वविद्यालय की चिंता बढ़ा रही है। बीते दो साल में 274 पीएचडी धारकों (पास करने वाले) और एक साल में 155 पीएचडी धारकों की संख्या घटी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दो साल पहले रेट परीक्षा (रिसर्च एंट्रेस टेस्ट) की व्यवस्था बंद हो जाने से विज्ञान के पीएचडी धारकों की संख्या सबसे तेज नीचे आई है। इससे पूर्वांचल और बिहार के पीएचडी शोधार्थियों की संख्या में गिरावट है। कई छात्रों को प्रवेश नहीं मिल रहा और कई छोड़ कर चले जा रहे हैं। उन्हें आईआईटी सरीखे टॉप संस्थानों में पीएचडी करने का मौका मिल जा रहा है।विगत तीन साल में दीक्षांत समारोह में भी पीएचडी उपाधि धारकों की संख्या में कमी देखी गई है। 2023 के दीक्षांत में 986 पीएचडी उपाधियां, 2024 में 867 और पिछले साल दिसंबर में हुए 105वें दीक्षांत समारोह 712 पीएचडी उपाधियां दी गईं। इस बार 104 सीटों के मुकाबले 30 इंटरव्यू: बीएचयू में विज्ञान के विषयों से पीएचडी के लिए सीटों के मुकाबले आवेदन बेहद कम आ रहे हैं। जैसे फिजिक्स में कुल 100 सीटें थी सिर्फ 12 ने दाखिला लिया और अब 5-6 ही बचे। वहीं, इस बार 2025-26 में भी पीएचडी की 104 सीटें आईं लेकिन 30 आवेदकों ने ही इंटरव्यू दिए। विज्ञान संकाय के केमिस्ट्री में 108 सीटें, जूलॉजी में 44 सीटें, बॉटनी में 58 सीटों पर प्रवेश होना है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 18, 2026, 12:38 IST
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