Noida News: ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 1.57 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
वृद्ध महिला ने की करोड़ों रुपये के निवेश के बावजूद दुकान का कब्जा न देने की शिकायतफर्जी दस्तावेज तैयार कर तीसरे पक्ष को आवंटन और आपराधिक साजिश रचने का आरोपमाई सिटी रिपोर्टरग्रेटर नोएडा। साइट-4 स्थित ग्रैंड वेनिस मॉल प्रोजेक्ट से जुड़े एक मामले में महिला(86) निवेशक ने 1.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप आठ लोगों और दो कंपनियों पर लगाया है। बुधवार को बीटा-2 कोतवाली में उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।। दिल्ली निवासी शिकायतकर्ता लूलीन कौर भल्ला ने बताया कि पति और दिव्यांग पुत्र जगविंदर भल्ला के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 8 जनवरी 2007 को उन्होंने ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में काॅमर्शियल स्पेस के लिए आवेदन किया था। 14 नवंबर 2007 को प्रथम तल पर उन्हें यूनिट संख्या-48, 113, 136, 137, 162 और 164 आवंटित की गई, जिनकी कीमत 1.76 करोड़ रुपये थी। बाद में उनकी जानकारी और सहमति के यूनिटों को बदलकर दुकान संख्या-90ए, 91, 94 और 95 कर दिया गया। उन्होंने कंपनी में 97.48 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम और 60 लाख रुपये नकद जमा किए, जिनकी रसीदें उनके पास उपलब्ध हैं। इसके बावजूद आज तक उन्हें दुकान का कब्जा नहीं दिया गया।17 वर्षाें से लगातार दिया जा रहा आश्वासन17 वर्षों से उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन न तो परियोजना में उनका अधिकार सुनिश्चित किया गया और न ही उन्हें उनकी संपत्ति का कब्जा मिला। उनका कहना है कि वर्ष 2019 में भी इसी मामले में बीटा-2 थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उनको आवंटित यूनिट संख्या-91 को फर्जी तरीके से तीसरे पक्ष के नाम कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में ग्रैंड एक्सप्रेस डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और बीवेल्दी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका रही और दोनों कंपनियां मुख्य आरोपियों से जुड़ी हुई हैं। उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनकी संपत्ति के अधिकार दूसरे पक्ष को हस्तांतरित कर दिए गए। जून 2025 में प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित एक सार्वजनिक नोटिस से उन्हें पता चला कि यूनिट संख्या-91 को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में वाद लंबित है। इस नोटिस को देखने के बाद उन्हें पहली बार जानकारी मिली कि उनकी आवंटित यूनिट को विवादित संपत्ति के रूप में दर्शाया गया है। उनके पास मूल आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, जिनसे उनके स्वामित्व का दावा सिद्ध होता है।सर्वोच्च न्यायालय ने माना संदिग्धसर्वोच्च न्यायालय में लंबित कार्यवाही के दौरान 10 अप्रैल 2023 के एक कथित असाइनमेंट डीड पर सवाल उठाए गए थे। इसी दस्तावेज के माध्यम से उनकी यूनिट को पहले बीवेल्दी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और बाद में ग्रैंड एक्सप्रेस डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में अवैध रूप से स्थानांतरित कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल के अपने आदेश में इसे संदिग्ध और फर्जी दस्तावेज के आधार पर किया गया हस्तांतरण माना।
#AllegationOf1.57CroreFraudInTheNameOfInvestment #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 02, 2026, 20:00 IST
Noida News: ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 1.57 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप #AllegationOf1.57CroreFraudInTheNameOfInvestment #VaranasiLiveNews
