Barabanki News: अटल यूनिवर्सिटी में जल्द खुलेगा मेडिकल कॉलेज

लखनऊ। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में जल्द मेडिकल कॉलेज खुलेगा। यहां एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ मरीजों को सस्ती दर पर उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा। यह घोषणा बुधवार को विश्वविद्यालय के धनवंतरि ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे दीक्षांत समारोह में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की।ब्रजेश पाठक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रारंभिक चरण में एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। इस संबंध में यूनिवर्सिटी की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिसे जल्द मंजूरी मिलेगी। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से यूपी में योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्स भी चलाए जाएंगे। छात्रों को आधुनिक सुविधाओं के बीच व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। स्किल लैब बनेगीकुलपति डॉ. अमित देवगन ने कहा कि प्रदेश के नर्सिंग व पैरामेडिकल संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन्हें इलाज की आधुनिक विधि से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेडिकल रिसर्च कमेटी बनाई गई है, जिसमें एमबीबीएस छात्रों से लेकर फैकल्टी तक को अनुदान दिया किया जाएगा। स्किल ऑन व्हील प्रोजेक्ट से प्रशिक्षण को रफ्तार मिलेगी। इसके तहत दो बसें प्रदेशभर के नर्सिंग कॉलेजों में जाकर तीन-तीन दिन का प्रशिक्षण देंगी। विवि परिसर में स्किल लैब भी बनाई जाएगी।मरीजों की दुआ ही सबसे बड़ी पूंजीमुख्य अतिथि सर्जन वाइस एडमिरल कृष्ण एम अधिकारी ने कहा कि हमारे समय में कॅरिअर काउंसलर नहीं होते थे। पिताजी चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं, इसलिए कड़ी मेहनत करके उनकी इच्छा को पूरा किया। मरीजों की दुआएं ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। चिकित्सा समाज की सेवा का जरिया है। उन्होंने कहा कि मरीज की पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनें। सही जांच के बाद ही दवा लिखें। विद्यार्थियों को नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ अपडेट रहने की नसीहत दी।कैंसर की सस्ती दवा की सूची चस्पा कराएं : राज्यपाल समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि भारत सरकार ने कैंसर की 17 दवाओं पर 100 प्रतिशत सीमा शुल्क समाप्त कर दिया है, जिससे उनकी कीमत घट गई है। चिकित्सा संस्थानों से इनका प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर और साइन बोर्ड लगाकर दवाओं के नाम, पहले और वर्तमान की कीमतों की जानकारी दी जाए। पूर्व कुलपति व अफसरों के कामकाज पर उठाए सवालराज्यपाल ने यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति व अफसरों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में विवि के प्रेक्षागृह में केवल एक कार्यक्रम हुआ, जबकि परिसर में 13 हॉल हैं। इनमें नियमित कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियां क्यों नहीं हुईं इसका जवाब मिलना चाहिए। डॉक्टरों के फ्लैट खाली हैं मुख्य प्रशासनिक भवन की ऊपरी दो मंजिलों का इस्तेमाल अब तक क्यों नहीं किया गया राज्यपाल ने लाइब्रेरी के सीमित उपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति ने हाल ही में कार्यभार संभाला है, लेकिन पूर्व कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और डीन ने इन संसाधनों के इस्तेमाल के लिए क्या प्रयास किए इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।डॉक्टर देरी से लौटें तो घरवाले नाराज न हों राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के तीन मंत्र बताए। इनमें अनुशासन, सेवा और सक्षम बनना शामिल है। उन्होंने कहा कि अच्छा डॉक्टर बनने के लिए जीवनभर सीखते रहना जरूरी है। एआई, रोबोटिक सर्जरी, नई जांच तकनीकों और आधुनिक दवाओं की लगातार जानकारी रखें। डॉक्टर पर समाज और परिवार दोनों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। यदि परिवार का कोई सदस्य डॉक्टर है और वह देर से घर लौटता है तो उस पर नाराज न हों, क्योंकि संभव है कि वह किसी मरीज की जान बचाने में जुटा हो। राज्यपाल ने कहा शिक्षा संस्थान जिन महापुरुषों के नाम पर हैं, छात्रों को उनके जीवन, संघर्ष और विचारों को जानना चाहिए। कॉलेजों में महापुरुषों पर निबंध, वाद-विवाद और अन्य प्रतियोगिताएं करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि अटलजी के आदर्श और विचार आज भी प्रासंगिक हैं।हर संस्थान गांव को गोद लेराज्यपाल ने सुझाव दिया कि हर विश्वविद्यालय पांच और कॉलेज दो से तीन गांव गोद लेकर वहां स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े अभियान चलाए। ग्रामीणों को टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, समय पर इलाज और सफाई के प्रति जागरूक किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने के साथ लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। राज्यपाल ने कहा कि जल्द ही जनभवन में कुलपतियों की बैठक होगी, जिसमें सभी विश्वविद्यालयों को पौधरोपण अभियान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी साझा करनी होगी। पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि डॉक्टरों को समाज सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।हॉस्टलों में नशे की बढ़ती पहुंच से राज्यपाल चिंतितराज्यपाल ने संस्थानों के हॉस्टलों में नशीले पदार्थों की बढ़ती पहुंच पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले खाने के साथ हॉस्टलों में नशा पहुंच रहा है। यह स्थिति छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को इस पर रोक के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने कहा कि हॉस्टलों में बाहरी भोजन की जांच होनी चाहिए। इसके लिए सख्त निगरानी की जरूरत है। यह भी कहा कि छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी निगरानी रखने का सुझाव दिया।मेजर अनिता को मिला स्वर्ण पदकबीएससी नर्सिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेजर अनीता को राज्यपाल ने स्वर्ण पदक दिया। मूल रूप से उत्तराखंड निवासी अनीता करीब साढ़े नौ साल से भारतीय सेना में सेवा दे रही हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती कमांड हॉस्पिटल लखनऊ में है। उनके पिता मोहनलाल भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और मां माहेश्वरी गृहिणी हैं। अनीता ने सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।बेटियों के हाथों दिलाया स्वर्ण पदकएमडीएस (ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी) में सराहनीय कार्य के लिए डॉ. परिधि अग्रवाल को स्वर्ण पदक मिला। दीक्षांत समारोह के दौरान भावुक पल तब आया, जब राज्यपाल ने उनकी दोनों बेटियों के हाथों स्वर्ण पदक दिलवाया। मुरादाबाद निवासी डॉ. परिधि कारोबारी पति जयंत रस्तोगी, सास रश्मि रस्तोगी व सात वर्षीय बेटी जेनिका और तीन वर्षीय श्रीनिका के साथ मंच पर पहुंचीं। राज्यपाल ने सास की उपस्थिति की सराहना करते हुए कहा कि परिवार का सहयोग ऐसी उपलब्धियों की मजबूत नींव होता है।जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना सबसे बड़ी प्रेरणाश्रीराम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बरेली की डॉ. निष्ठा भारद्वाज को एमएस (गायनेकोलॉजी) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक दिया गया। उन्होंने इसे परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया। डॉ. निष्ठा ने बताया कि उनके पिता राजीव शर्मा व्यवसायी हैं। मां गौरी शर्मा का निधन हो चुका है। उन्होंने कहा कि फेलोशिप कर ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना हैं।लोगों को नशे से मुक्ति दिलाने का संकल्पएसआरएमएस कॉलेज, बरेली से मनोरोग विभाग में सिल्वर मेडल पाने वाली डॉ. प्रज्ञा माहेश्वरी ने उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और सहपाठियों को दिया। डॉ. प्रज्ञा अभी डीएमई जयपुर में सेवा दे रही हैं। वह नई नीति पर काम कर रही हैं, जिसका उद्देश्य चिकित्सा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त करना है। उन्होंने बताया कि वह लोगों को नशे से मुक्त करने में योगदान देना चाहती हैं। इस दिशा में उन्हें राज्यपाल से प्रेरणा मिली है। डॉ. प्रज्ञा ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह उनके भविष्य के लक्ष्यों में से है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटीमेंदीक्षांतसमारोहमेंमिलीउपाधि। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटीमेंदीक्षांतसमारोहमेंमिलीउपाधि। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटीमेंदीक्षांतसमारोहमेंमिलीउपाधि। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटीमेंदीक्षांतसमारोहमेंमिलीउपाधि। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटीमेंदीक्षांतसमारोहमेंमिलीउपाधि। अटल 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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 16, 2026, 02:45 IST
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