अहिंसा से ही संभव है विश्व शांति : भाव भूषण महाराज

संवाद न्यूज एजेंसीहस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में आयोजित 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान महोत्सव के 12वें दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिसमें प्रात: भगवान शांतिनाथ जलाभिषेक के बाद शांतिधारा करने का सौभाग्य संजीव जैन, आकर्ष जैन, वर्षा जैन और आस्था जैन को प्राप्त हुआ।मंगल प्रवचन देते हुए मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में चारों ओर हिंसा और आतंक का वातावरण दिखाई देता है। ऐसी परिस्थितियों में भगवान महावीर द्वारा प्रतिपादित अहिंसा का मार्ग ही विश्व शांति की स्थापना का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंसा ने दुनिया को आतंकवाद और विनाशकारी हथियार दिए हैं, जबकि अहिंसा ने मानवता को एकता, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय भाईचारे का संदेश दिया है।मुनि ने कहा कि जियो और जीने दो, वसुधैव कुटुंबकम और अहिंसा परमो धर्मः जैसे सिद्धांत विश्व शांति की नींव हैं। अहिंसा में प्रेम, करुणा, दया, मैत्री और वात्सल्य जैसे गुण समाहित हैं, जिनके माध्यम से मानव समाज में सौहार्द स्थापित किया जा सकता है। आयोजन के दौरान ऋषभ जैन, रेणू जैन, रूचिका जैन और यश जैन ने विशेष पूजन किया गया। तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से अतिथियों का माला और मुकुट पहनाकर स्वागत किया गया।भगवान जिनेंद्र की संगीतमय महाआरती, भजन संध्या और 48 दीपकों से भक्तामर आराधना का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संचालन बाल ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी एवं पंडित आशीष शास्त्री ने किया। प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद

#WorldPeaceIsPossibleOnlyThroughNon-violence:BhavBhushanMaharaj #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 01, 2026, 21:53 IST
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