Asthma Risk: अगर माता-पिता को अस्थमा है, तो बच्चों को कैसे रखें सुरक्षित? डॉक्टर ने बताया

सांस हमारे जीवन की डोर है और ऑक्सीजन प्राण वायु। यही कारण है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए श्वसन तंत्र का ठीक से काम करते रहना जरूरी हो जाता है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के साथ पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण ने सांस की समस्याओं का जोखिम भी काफी बढ़ा दिया है। छोटे-छोटे बच्चे अस्थमा जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार देखे जा रहे हैं। अस्थमा को स्वास्थ्य विशेषज्ञ गंभीर समस्या मानते हैं। इस बीमारी में कई बार सांस लेना कठिन हो जाता है, खूब खांसी आती है और सांस फूलने की दिक्कत बनी रहती है। यही कारण है कि ऐसे मरीजों को हमेशा अपने साथ इमरजेंसी डिवाइस इनहेलर रखने की सलाह दी जाती है। कई कारण है जो आपको अस्थमा का मरीज बना सकते हैं। इस बीमारी में आनुवांशिकता की भी बड़ी भूमिका है। अगर माता-पिता में से किसी एक को अस्थमा है, तो बच्चों में इसका खतरा बढ़ जाता है। अब सवाल ये है कि आनुवांशिक खतरे वाले बच्चों को इस बीमारी से कैसे बचाया जा सकता है

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 03, 2026, 12:13 IST
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