एमपी में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार: रात का पारा 11.9 डिग्री तक लुढ़का, त्योहारों पर मौसम रहेगा साफ
मध्य प्रदेश में अब सर्दी का असर धीरे-धीरे तेज होने लगा है। रात के तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने से कई शहरों में ठिठुरन बढ़ गई है। शाजापुर के गिरवर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। भोपाल और इंदौर में भी रात का पारा नीचे आया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ सकता है। राहत की बात यह है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना नहीं है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री और भोपाल में 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा दमोह में 12 डिग्री, कटनी के करौंदी में 12.2 डिग्री और पचमढ़ी में 12.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम में बदलाव का असर दिन के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे आया है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में दिन का तापमान 29 डिग्री से कम रहा। त्योहारों पर नहीं बिगड़ेगा मौसम, चार दिन बारिश के आसार नहीं मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। शुक्रवार को कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 7 और 8 नवंबर को भी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों और खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को मौसम की ओर से राहत मिल सकती है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। 15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड की रफ्तार मौसम के पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगता है। इस बार भी इसी तरह का ट्रेंड रहने की संभावना है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण सर्दी का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर में नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में भी रात का पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। भोपाल में 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा राजधानी भोपाल में नवंबर के दौरान रात का तापमान सामान्य तौर पर 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। पिछले दस वर्षों में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। भोपाल में 30 नवंबर 1941 को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। नवंबर में बारिश का भी इतिहास रहा है। पिछले दस वर्षों में तीन बार इस महीने बारिश हुई है। वर्ष 1936 में नवंबर के दौरान साढ़े पांच इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इंदौर में 5.6 डिग्री तक गिर चुका है तापमान इंदौर में नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ने लगता है। रात का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। हालांकि, शहर में 25 नवंबर 1938 को न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन का तापमान सामान्य तौर पर 31 से 33 डिग्री के बीच रहता है। इस महीने कभी-कभार बारिश भी होती है। यह भी पढ़ें-भोपाल में कचरे से पटी सड़कें: चार सौ गाड़ियां खड़ी, सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच व्यापारी खुद उतरे मैदान में ग्वालियर में 3 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा ग्वालियर में उत्तरी हवाओं के कारण सर्दी का असर ज्यादा रहता है। पिछले दस वर्षों में यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं वर्ष 1970 में नवंबर के दौरान पारा 3 डिग्री तक गिर गया था। शहर में दिन का तापमान भी कभी-कभी काफी ऊपर चला जाता है। 2 नवंबर 2001 को अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। नवंबर में बारिश का भी रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 1927 में पूरे महीने तीन इंच से ज्यादा पानी गिरा था।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 06, 2026, 02:58 IST
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