Aligarh News: गेहूं की घटी पैदावार..सूनी पड़ीं मंडियां, खाली हाथ किसान

आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने इस बार गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। दो से पांच क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की गिरावट आई है। पैदावार कम होने से किसान खाली हाथ हैं तो मंडियां सूनी पड़ीं हैं। अलीगढ़ मंडल की मंडियों में पिछले साल के मुकाबले इस बार 47 फीसदी तक आवक गिरी है।पैदावार कम होने का असर यह है कि किसानों ने मंडियों का रुख न कर भविष्य की जरूरत के लिए गेहूं को अपने पास रोक लिया है। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। मंडियों में 2400 से 2500 का भाव चल रहा है।अलीगढ़ जिले की मंडियों में पिछले साल 16411 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार 11384 क्विंटल की आवक हुई है। एटा में पिछले साल 27064 क्विटंल गेहूं खरीदा गया था, इस बार 13130 क्विंटल की ही खरीद हुई। कासगंज की मंडियों में सबसे खराब स्थिति रही। पिछले साल के 24413 के मुकाबले 8335 क्विंटल गेहूं मंडियों में खरीदा गया।हाथरस में 3748 क्विंटल गेहूं की खरीद के मुकाबले 2875 क्विंटल गेहूं पहुंचा। पिछले वर्ष 30 अप्रैल तक कुल 67,636 क्विंटल गेहूं की आवक अलीगढ़ मंडल की मंडियों में हुई थी, इस बार यह घटकर 35,724 क्विंटल रह गई।यह आंकड़ा 24 अप्रैल तक का है। मंडी अधिकारियों का कहना है कि इसमें अभी बहुत अधिक सुधार अभी नहीं हुआ है। गांव पला नगलिया निवासी प्रेमपाल सिंह का कहना है कि डीजल महंगा, खाद महंगी और ऊपर से मौसम खराब रहा फसल की लागत बढ़ी, लेकिन उत्पादन घट गया। इस बार काफी नुकसान हुआ है।धनीपुर मंडी के आढ़ती अमित राघव का कहना है कि पिछले साल बंपर खरीद हुई थी। इस बार पैदावार कम होने की वजह से मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों की संख्या काफी कम है। संवाद----सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद में 58 फीसदी की कमीसरकारी खरीद केंद्रों पर अलीगढ़ जिले में ही करीब 58 फीसदी की कमी आई है। जिले के 85 सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर 41,500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था, अभी तक मात्र 4000 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है। पिछले साल यहां 6,08,094 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी, जबकि इस बार अब तक 2,39,293 क्विंटल गेहूं ही मंडियों में पहुंच सका है।क्राप कटिंग के आंकड़े भी कर रहे उपज घटने की पुष्टिकृषि विभाग के अनुसार अतराैली क्षेत्र के गांव कल्याणपुर रानी में इस वर्ष पैदावार 39 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही जबकि पिछले साल इसी गांव में यह 42 क्विंटल थी। गांव सूरजपुर में इस बार 43 से घटकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन निकला। करसरा और तेजपुर में भी इस साल 41.13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार दर्ज की गई। गांव तेजपुर निवासी घूरेलाल और गांव सुमेरपुर निवासी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि दो से चार क्विंटल प्रति हेक्टयर तक की कमी आई है।-इस बार मौसम प्रतिकूल होने, बारिश, ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को प्रभावित किया है। दाना बनने के समय मौसम खराब होने से बालियां पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाई, जिससे पैदावार गिरी है। -धीरेंद्र चौधरी, जिला कृषि अधिकारी-इस बार असमय गर्मी, तेज हवाएं और बढ़ी लागत गेहूं उत्पादन में कमी के मुख्य कारण रहे। मंडल स्तर पर खरीद बढ़ाने के लिए प्रशासन किसानों को सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करने के लिए प्रेरित कर रहा है। - श्रवण कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक अलीगढ़ मंडल-काफी कम संख्या में किसान मंडी व आढ़तियों के यहां पहुंच रहे हैं। अधिकांश किसानों ने अपने लिए गेहूं का भंडारण कर लिया है। कुछ किसान अभी खुले बाजार में रेट अधिक होने की उम्मीद में गेहूं नहीं बेच रहे हैं। - राजेश कुमार गुप्ता, उपनिदेशक मंडी

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 06, 2026, 02:54 IST
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