मंडी: सालभर बाद भी आपदा के जख्म हरे, मुहाने पर बरसात तो अब जागा प्रशासन

मंडी शहर में मानसून की दस्तक के साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों के बाशिंदों की धड़कनें तेज होने लगी हैं। आसमान में छाते काले बादल लोगों को 29 जुलाई 2025 की उस भयावह सुबह की याद दिला रहे हैं, जब तड़के तीन बजे बादल फटने से आई बाढ़ और मलबे ने भारी तबाही मचाई थी। इस त्रासदी को करीब एक साल बीतने को है, लेकिन धरातल पर जो सुरक्षा कार्य महीनों पहले पूरे हो जाने चाहिए थे, वे अब मानसून के मुहाने पर शुरू किए जा रहे हैं। जेल रोड स्थित तुंगल कॉलोनी के नाले से सप्ताह भर पहले ही मलबा निकालने का काम शुरू हुआ है, जिसे देखकर स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं। लोगों का आरोप है कि आपदा के बाद उन्हें अपने घरों की मरम्मत अपने पैसों से करवानी पड़ी और प्रशासन से कोई खास मदद नहीं मिली। जेल रोड से तुंगल कॉलोनी जाने वाले रास्ते की हालत आज भी दयनीय है। हालांकि सरकार ने तुंगल कॉलोनी और अस्पताल के पास के कार्यों के लिए 4.79 करोड़ और 3.46 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी दे दी है, लेकिन तकनीकी सर्वे की देरी के कारण अब यह काम बरसात के बाद ही शुरू हो पाएगा। उधर, नगर निगम मंडी के आयुक्त रोहित राठौर ने बताया कि तुंगल कॉलोनी में नाले की सफाई युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है। अब तक नाले से करीब 100 ट्रैक्टर मलबा निकाला जा चुका है। तुंगल कॉलोनी और अस्पताल के समीप होने वाले कार्यों की डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। तकनीकी अप्रूवल मिलते ही स्थायी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 19, 2026, 11:46 IST
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