चाइल्ड काउंसलर रंजना शर्मा बोलीं- परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी एआई से ज्यादा किताबों पर रखें फोकस

डिजिटल युग में मोबाइल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पढ़ाई को आसान जरूर बनाया है, लेकिन बच्चों में इन पर अत्यधिक निर्भरता अब चिंता का विषय बनती जा रही है। जवाहर नवोदय स्कूल पंडोह में तैनात चाइल्ड काउंसलर रंजना शर्मा का कहना है कि अगर बच्चों को अपनी मेमोरी और सोचने-समझने की क्षमता मजबूत करनी है, तो उन्हें हर जानकारी के लिए मोबाइल और एआई पर निर्भर रहने के बजाय किताबों से पढ़ने और लिखकर अभ्यास करने की आदत डालनी होगी। रंजना शर्मा बताती हैं कि किताबों से पढ़ना, नोट्स बनाना और लिखकर दोहराना मस्तिष्क को सक्रिय रखता है। इससे जानकारी लंबे समय तक याद रहती है। जबकि मोबाइल या एआई से तुरंत उत्तर मिल जाने की आदत बच्चों की स्वतंत्र सोच और याददाश्त को कमजोर कर सकती है। उनका कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल गलत नहीं है, लेकिन उसका संतुलित और सीमित प्रयोग ही बच्चों के लिए फायदेमंद है।

चाइल्ड काउंसलर रंजना शर्मा बोलीं- परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी एआई से ज्यादा किताबों पर रखें फोकस #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 09, 2026, 14:45 IST
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