आजमगढ़: परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाने पर शिब्ली कॉलेज में छात्रों का हंगामा, छह घंटे धरने पर बैठे
आजमगढ़। शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज में बैक पेपर और पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाने से नाराज छात्र-छात्राओं ने बुधवार को कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देर शाम तक चला। इस दौरान विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। सूचना पर एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ सिटी शुभम तोदी और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब छह घंटे बाद छात्र-छात्राओं ने धरना समाप्त किया। बैक पेपर का पोर्टल दोबारा खोलने की मांग प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप था कि पिछले सेमेस्टर में बैक पेपर आने के कारण कई छात्रों का पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहा है। उन्होंने मांग की कि बैक पेपर के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाए, ताकि प्रथम या अन्य सेमेस्टर में बैक वाले विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भर सकें। इसके साथ ही पांचवें सेमेस्टर का फॉर्म भरने का अवसर भी दिया जाए। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पर परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई बार परीक्षा देने के बावजूद परिणाम में अनुपस्थित दिखा दिया जाता है। इससे छात्रों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। एमए तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने भी समर्थ पोर्टल नहीं खुलने की समस्या उठाई। उनका कहना था कि आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित है, लेकिन तकनीकी दिक्कत के कारण कई विद्यार्थी फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। छात्राओं ने प्राचार्य पर लगाए अभद्र टिप्पणी के आरोप प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कॉलेज के प्राचार्य पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ड्रेस, मेहंदी, नकाब और अन्य गतिविधियों को लेकर यदि कोई नियम था तो प्रवेश के समय ही इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने उनके पहनावे और व्यक्तिगत जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। मेहंदी लगाकर आने, नकाब पहनने और इंस्टाग्राम चलाने को लेकर भी सवाल उठाए गए। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें कॉलेज से बाहर निकालने की धमकी देने के साथ उनके चरित्र पर भी टिप्पणी की गई। छात्राओं ने कहा कि प्रवेश के समय उनसे 6280 रुपये फीस जमा कराई गई थी। अब परीक्षा और पांचवें सेमेस्टर को लेकर परेशानी खड़ी की जा रही है। उनका आरोप है कि बीच सेमेस्टर में नए नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे उनका पांचवां सेमेस्टर प्रभावित हो रहा है। बोले छात्र- हम विश्वविद्यालय नहीं, कॉलेज में पढ़ते हैं प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि यह समस्या पहली बार नहीं आई है। बीए की पढ़ाई के दौरान भी उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कॉलेज प्रशासन से शिकायत करने पर उन्हें विश्वविद्यालय जाने की सलाह दे दी जाती है। छात्रों का कहना था कि जब वे कॉलेज में पढ़ाई करते हैं तो उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कॉलेज प्रशासन को विश्वविद्यालय से बात करनी चाहिए। विद्यार्थियों ने प्राचार्य के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि जब वे अपनी समस्याएं लेकर प्राचार्य से मिलने पहुंचे तो बातचीत करने के बजाय पुलिस बुला ली गई। करीब छह घंटे तक इंतजार के बाद पुलिस के पहुंचने पर प्राचार्य बाहर आए। विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि शैक्षणिक समस्याओं पर बातचीत करने से क्यों बचा जा रहा है। प्राचार्य बोले- एनईपी के प्रावधानों के कारण अटका फॉर्म कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अफसर अली ने बताया कि प्रथम वर्ष में बैक पेपर होने के कारण विद्यार्थियों का पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रावधानों के तहत तीसरे वर्ष में प्रवेश के लिए प्रथम वर्ष के सभी पेपर पास करना अनिवार्य है। इसमें मेजर, माइनर और अन्य विषयों के पेपर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों से मार्कशीट और प्रत्यावेदन जमा करने को कहा गया था, ताकि प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जा सके। उनके प्रार्थना पत्रों के आधार पर कुलपति से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रही। विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया गया। काफी आश्वासन के बाद देर शाम छात्र-छात्राओं ने धरना समाप्त कर दिया।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 04, 2026, 19:28 IST
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