ट्रंप प्रशासन का 'नार्को-आतंकवाद' पर प्रहार: होर्मुज नहीं, इस सागर में बरपाया कहर, नाव पर किया हमला; दो की मौत

अमेरिका की सेना ने एक बार फिर से कैरेबियन सागर में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। अमेरिकी सेना ने एक नाव पर जोरदार हमला किया है, जिस पर ड्रग्स यानी नशीले पदार्थ ले जाने का शक था। इस भीषण हमले में नाव पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। यह घटना दिखाती है कि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कितना सख्त और आक्रामक रुख अपना रहा है। इस ताजा हमले के साथ ही लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में संदिग्ध ड्रग्स तस्करों की नावों को बम से उड़ाने का सिलसिला लगातार जारी है। ट्रंप प्रशासन का यह अभियान बीते सितंबर महीने की शुरुआत से ही चल रहा है। अब तक इस तरह के हमलों में कुल 188 लोगों की जान जा चुकी है। पूर्वी प्रशांत महासागर के इलाकों में भी ऐसे कई हमले किए गए हैं। ईरान युद्ध के बावजूद, हाल के हफ्तों में इन हमलों में काफी तेजी आई है। अमेरिका इसे 'नार्को-आतंकवाद' का नाम दे रहा है और इसे जड़ से खत्म करने का दावा कर रहा है। क्या अमेरिका ने इन हमलों में ड्रग्स मिलने का कोई सबूत दिया हालांकि अमेरिकी सेना लगातार इन नावों को निशाना बना रही है, लेकिन सेना ने अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया है जिससे यह साबित हो सके कि जिन नावों को नष्ट किया गया, उनमें सच में ड्रग्स भरे हुए थे। सोमवार को हुए इस ताजा हमले को लेकर अमेरिकी दक्षिणी कमान ने अपने पुराने बयानों को ही दोहराया है। सेना ने कहा कि उन्होंने तस्करी के जाने-माने रास्तों पर इन संदिग्ध तस्करों को निशाना बनाया है। सेना ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें एक नाव पानी में चलती हुई दिख रही है और फिर एक बहुत बड़ा धमाका उसे आग की लपटों में निगल लेता है। कैरेबियन सागर में इस बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत कैसे हुई इन हमलों की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने पीढ़ियों बाद इस क्षेत्र में अपनी सबसे बड़ी सैन्य उपस्थिति दर्ज कराई। यह सब उस बड़ी छापेमारी से कुछ महीने पहले शुरू हुआ था, जो इसी साल जनवरी में की गई थी। उस छापेमारी में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया था, जहां उन पर ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, मादुरो ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और खुद को निर्दोष बताया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन आक्रामक हमलों को किस तरह सही ठहराया मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका में ड्रग्स कार्टेल (गिरोहों) के साथ सशस्त्र संघर्ष यानी हथियारों की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने इन हमलों को बिल्कुल सही और जरूरी ठहराया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में नशीले पदार्थों की सप्लाई को रोकने और इसके कारण होने वाली अमेरिकी नागरिकों की मौत को कम करने के लिए ऐसा करना बेहद आवश्यक है। हालांकि, नार्को-आतंकवादियों को मारने के उनके दावों का समर्थन करने के लिए प्रशासन ने बहुत कम सबूत दिए हैं। इसी वजह से कई आलोचक इन नावों पर किए गए हमलों की कानूनी वैधता पर भी लगातार गंभीर सवाल उठा रहे हैं। अन्य वीडियो-

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 05, 2026, 10:55 IST
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