US Attacks Venezuela: वेनेजुएला सैन्य कार्रवाई पर क्या बोली दुनिया? | Amar Ujala | World | Trump

कई महीनों से चल रही तननी को ट्रंप ने आखिरकार एक धमाके के साथ खत्म कर दिया है. उन्होंने अपनी डेल्टा फोर्स के सहारे एक देश के राष्ट्रपति को क्रिमिनल बनाकर गिरफ्तार किया. अब वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के अरेस्ट ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. वेनेजुएला के पड़ोसी देश सदमे में है ट्रंप की धमकियों से गुजर रहे ईरान ने भी वेनेजुएला कांड पर रिएक्शन दिया है. ये भी बता दे की यह हमला सिर्फ वेनेजुएला पर नहीं है, बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स में खतरे की एक नई घंटी है। अब निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने न सिर्फ लैटिन अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। इस बीच चीन समेत तमान देशों ने क्या कुछ बोला है। चलिए बताते है। चीन के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर गहरी हैरानी जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. चीन ने इसे एक संप्रभु देश के खिलाफ ताकत का घोर इस्तेमाल और अमेरिका की आधिपत्यवादी हरकत करार दिया है. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन है, जो लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई इलाके की शांति व सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है. चीन ने अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने और दूसरे देशों की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद करने की मांग की है. रूसी विदेश मंत्रालय ने इस मामलें में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बेहद चिंताजनक और निंदनीय बताया. बयान में कहा कि अमेरिका जो तर्क देकर अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहा है, वो पूरी तरह से खोखले और निराधार हैं. इस मामले में व्यावहारिक सोच और आपसी भरोसे की जगह वैचारिक शत्रुता ने ले ली है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए घातक है. रूस ने कहा इसको शांतिपूर्ण क्षेत्र बने रहने देना चाहिए. वेनेजुएला को बाहरी दखल के बिना अपना भविष्य खुद तय करने का संप्रभु अधिकार मिलना चाहिए. रूस ने वेनेजुएला की जनता और वहां के बोलिवेरियन नेतृत्व के साथ पूरी मजबूती से खड़े होने की बात कही है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन करार दिया. आधिकारिक बयान में ईरान ने इस हमले को "आक्रामक हरकत" बताया और कहा कि यह यूएन चार्टर के मूलभूत सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी कार्रवाई को बेहद खतरनाक मिसाल करार दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वेनेजुएला की धरती पर हमले और उसके राष्ट्रपति की गिरफ्तारी ने एक ऐसी रेखा पार कर ली है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है. यह हरकत वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर अपमान है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक गलत संदेश देती है. लूला ने इस सैन्य कार्रवाई को वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बताया. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सफाई दी है कि वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन में यूके किसी तरह से शामिल नहीं था. उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले सभी तथ्यों को जुटाना चाहते हैं और इसके लिए वह राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य सहयोगियों से बात करेंगे. वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के मानवाधिकार रिकॉर्डों की आलोचना कर चुके चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने इस बार अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध किया है. उन्होंने साफ कहा कि संकट का समाधान केवल आपसी बातचीत और बहुपक्षवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए,

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 04, 2026, 02:48 IST
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