सफलता की कहानी: एमबीबीएस में नहीं मिला दाखिला तो डॉ. तमन्ना बानो ने चुनी आयुर्वेद की राह, मिलेंगे दो मेडल
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आयुर्वेद में सर्वोच्च अंक पाने वाली राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज चौकाघाट की छात्रा डॉ. तमन्ना बानो को दो स्वर्ण पदक मिलेंगे। अमर उजाला से बातचीत में तमन्ना ने कहा कि इंटरमीडिएट करने के बाद डॉक्टर बनने का सपना था। एमबीबीएस करना चाहती थी। लेकिन एमबीबीएस में दाखिला नहीं मिल सका लेकिन हार नहीं मानी। अब बीएएमएस की पढ़ाई कर आयुर्वेद के माध्यम से इस सपने को साकार कर रही हूं। दो स्वर्ण पदक मिलने से तमन्ना बहुत खुश हैं। मूल रूप से प्रयागराज के मंसूराबाद निवासी डॉ. तमन्ना के पिता जुनैद अहमद खान व्यापारी हैं। मां मुजफ्फरी बानो गृहिणी हैं। आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिनेश कुमार मौर्या ने तमन्ना को बधाई देते हुए इसे कॉलेज के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। तमन्ना ने बताया कि आयुर्वेद की पढ़ाई का ज्यादातर हिस्सा संस्कृत भाषा का है। इसके बाद भी मुझे कभी पढ़ने में कोई परेशानी नहीं हुई। तमन्ना ने कहा कि आयुर्वेद हमारी पैथी है। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि लोगों का इस ओर झुकाव और बढ़े। बीएएमएस करने वाले छात्रों को अपने मन ये बात निकाल देनी चाहिए कि एमबीबीएस नहीं हुआ तो बीएएमएस लेना पड़ा। हर पैथी को सम्मान मिलना चाहिए। मेडिकल की शुरुआत ही आयुर्वेद विद्या से हुई है। बताया कि भाई नीट की तैयारी कर रहा है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 17, 2026, 23:35 IST
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