चीनी की जमाखोरी पर सख्ती: 70 से 80 रुपये तक पहुंचे दाम, यूपी समेत इन राज्यों में निगरानी के निर्देश जारी
त्योहारों से पहले बढ़ती कीमतों और कृत्रिम कमी को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने चीनी के जमाखोरों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व पंजाब समेत कई राज्यों में निर्देश जारी किया गया है कि कोई भी थोक चीनी डीलर 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। वहीं, कालाबाजारी पर लगाम व चीनी स्टॉक की जांच-पड़ताल के लिए 10 केंद्रीय टीमें अलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगी। हाल में देशभर में चीनी के दामों में बढ़ोतरी हुई है। 20 जुलाई को चीनी की कीमत 48.18 रुपये प्रति किग्रा थी, जो 20 अगस्त को 55.70 रुपये हो गई। कई शहरों में खुदरा दाम 70-80 रुपये तक पहुंच गए हैं। राज्य सरकारों ने प्रशासनिक अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ चीनी आपूर्ति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। महाराष्ट्र व कर्नाटक में भी सरकारी विभागों ने चीनी के स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। कालाबाजारी रोकने के लिए 10 केंद्रीय टीमें करेंगी राज्यों का दौरा केंद्र व राज्य सरकारों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच के लिए मिलों में चीनी स्टॉक का सत्यापन कर रही हैं। राज्य सरकारों ने थोक विक्रेताओं, डीलरों व अन्य संबंधित कारोबारियों के स्टॉक की जांच के लिए निरीक्षण टीमें बनाने और औचक जांच के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि लोग परेशान न हों, राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। हर शुक्रवार देनी होगी जानकारी राज्य सरकारों ने कारोबारियों को उपलब्ध चीनी का पूरा ब्योरा खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने और हर शुक्रवार स्टॉक की जानकारी अपडेट करने को कहा है। गोदाम व ऑनलाइन दर्ज स्टॉक में अंतर मिला तो सख्त कार्रवाई होगी। बागपत में गोदाम पर छापा योगी सरकार के आदेश के बाद अधिकारियों ने कई जिलों में जांच की। बागपत में चीनी के गोदाम पर छापा मारा गया। बरेली और नोएडा में जिलाधिकारियों ने स्टॉक की स्थिति की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें भी कीं। 30 नवंबर तक लिमिट केंद्र सरकार ने चीनी डीलरों पर 30 नवंबर तक 400 टन की स्टॉक लिमिट लगाई है। यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब सरकारों ने निर्देशों को सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। इसके अलावा खरीदी गई चीनी को 15 से 30 दिन से अधिक समय तक रखने पर भी रोक लगाई गई है। ये भी पढ़ें:बंगाल की खाड़ी में बड़ी दुर्घटना:पनामा के झंडे वाला मालवाहक जहाज डूबा, 24 लोग थे सवार; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी आयात के फैसले के बाद मिलों ने घटाए दाम बाजार में बिक्री बढ़ी ऐतिहासिक तेजी के बाद अब शक्कर के दाम में नरमी दिखने लगी है। रीसेल में शक्कर सस्ती बिक रही है। सरकार के 10 लाख टन कच्ची शक्कर के आयात के फैसले के बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र की मिलों ने भाव में 400-500 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती की है। बाजार में ऊंचे दाम के कारण शक्कर की मांग भी घट गई है। ऐसे में स्टॉकिस्ट अब मुनाफा कमाने के लिए माल बेच रहे हैं। कई राज्यों में शनिवार को शक्कर 6,450 से 6,600 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। एक दिन में भाव 100 से 200 रुपये तक घट गए। हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि विदेशी चीनी आने के बाद भी भाव पुराने स्तर पर लौटना मुश्किल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम 18 माह के ऊंचे स्तर पर हैं।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 23, 2026, 04:30 IST
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