भूजल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक शोध और प्रबंधन जरूरी : डॉ. जाराते
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग में आयोजित शैक्षणिक व शोध बैठक में ब्रिटिश भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूके) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. इमैनुअल जाराते ने भाग लिया। विभाग पहुंचने पर डॉ. नरेश कुमार ने उनका स्वागत किया और विभागीय शोध गतिविधियों की जानकारी दी।डॉ. जाराते ने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है, जहां सिंचाई और पेयजल की मुख्य निर्भरता भूजल पर है। अत्यधिक दोहन के कारण कई जिलों में जल स्तर लगातार गिर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से दक्षिणी हरियाणा के भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में उच्च फ्लोराइड, लवणता और कठोरता की बढ़ती समस्या को गंभीर बताया। उनके अनुसार, समय रहते वैज्ञानिक शोध और प्रबंधन जरूरी है। डॉ. जाराते ने बताया कि वे वर्तमान में पंजाब में नहर जल के पुनर्भरण के माध्यम से भूजल की गुणवत्ता और मात्रा सुधारने की परियोजना पर कार्य कर रहे हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच रूड़की) के सहयोग से संचालित हो रही है। बैठक में डॉ. ओम प्रकाश और एनआईएच रूड़की से प्रोजेक्ट साइंटिस्ट विनोज कुमार मौजूद रहे। संवादवैज्ञानिक शोध की आवश्यकता पर जोरडॉ. नरेश कुमार ने कहा कि जल की गुणवत्ता और मात्रा का समग्र आकलन करने के लिए वैज्ञानिक भूजल अनुसंधान आवश्यक है। वे भिवानी और महेंद्रगढ़ में शैल-जल अंतः क्रिया, भू-रसायन, जल गुणवत्ता विश्लेषण व फ्लोराइड और अन्य ट्रेस तत्वों की उत्पत्ति पर शोध कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर हरियाणा में भूजल संरक्षण को मजबूत बनाने पर बल दिया। कुरुक्षेत्र। गिरते भूजल स्तर पर शोध बैठक में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. इमैनुअल जाराते विचार साझा करत
#ScientificResearchAndManagementNecessaryForGroundwaterConservation:Dr.Jarate #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 21, 2026, 03:14 IST
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