प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: एक महीने बाद भी हत्या की वजह साफ नहीं, परिजनों ने पुलिस पर लगाए कई गंभीर आरोप
ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के एक महीने बाद भी पुलिस हत्या की असली वजह का पता नहीं लगा सकी है। इस बीच, पूर्णेकर के परिवार ने पुलिस पर असली आरोपियों को बचाने और जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूत दिए गए थे, लेकिन उनकी जांच को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच व्यापक और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। प्रदीप पूर्णेकर की 29 सितंबर को उनके कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह शिवसेना (यूबीटी) के मनपाड़ा वार्ड/डिवीजन प्रमुख थे। इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। एसआईटी अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, हत्या के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। बेटे ने कहा- जांच में प्रगति नहीं, परिवार परेशान बुधवार शाम को पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर भावुक हो गए। उन्होंने जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह गहरे मानसिक तनाव में हैं और एक समय खुद को नुकसान पहुंचाने के बारे में भी सोच चुके हैं। इस दौरान पूर्व सांसद और शिवसेना (यूबीटी) नेता राजन विचारे समेत महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के कई नेता पूर्णेकर परिवार के साथ मौजूद थे। परिवार ने ठाणे पुलिस पर असली आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए जा रहे हैं। परिवार का दावा है कि पुलिस को अहम डिजिटल सबूत और सीसीटीवी फुटेज सौंपे गए थे, लेकिन उनकी जांच को लेकर गंभीर सवाल हैं। परिवार ने गिरफ्तार आरोपी पर भी उठाए सवाल प्रदीप पूर्णेकर की भतीजी खुशबू ने विशेष जांच दल की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने हाल ही में गिरफ्तार अमित सिंह को कथित तौर पर फर्जी आरोपी बताया। उनका आरोप है कि हत्या की साजिश रचने वाले असली लोग अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हालांकि, ये परिवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं। पुलिस ने अभी तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है। हत्या के पीछे कई वजहों की जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के पीछे कई संभावित वजहों की जांच की जा रही है। इनमें इलाके में वर्चस्व को लेकर विवाद, क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं से जुड़ा टकराव और नशे का कारोबार करने वालों का विरोध शामिल है। पुलिस के शुरुआती आकलन के मुताबिक, पुरानी राजनीतिक रंजिश और ठाणे नगर निकाय के आगामी चुनावों से जुड़ी प्रतिद्वंद्विता भी हत्या की वजह हो सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं माना गया है। अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) पंजाबराव उगले ने बुधवार को बताया कि पुलिस को मिले प्रत्येक वीडियो क्लिप, तस्वीर और दूसरे सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके लिए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईटी आरोपपत्र दाखिल करने से पहले हत्या के पीछे की वजह को ठोस तरीके से स्थापित करना चाहती है। पूर्व मेयर और उनके पति की गिरफ्तारी की मांग इस मामले ने ठाणे में राजनीतिक तनाव भी बढ़ा दिया है। प्रदीप पूर्णेकर के सैकड़ों समर्थकों ने मंगलवार रात घोड़बंदर रोड पर जाम लगा दिया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी एक पूर्व मेयर और उनके पति की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। दोनों मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ जब राम पूर्णेकर को ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया। इसके बाद नौपाड़ा पुलिस स्टेशन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुआ। विपक्षी दलों के स्थानीय नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शन के कारण घोड़बंदर रोड पर भारी जाम लगा रहा और मंगलवार रात तक यातायात प्रभावित हुआ। शिवसेना नेता ने मेनाक्षी शिंदे से पद छोड़ने को कहा महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी की नेता मेनाक्षी शिंदे को प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच पूरी होने तक अपने पद से हट जाना चाहिए। मेनाक्षी शिंदे फिलहाल पार्षद हैं और शिवसेना में पदाधिकारी भी हैं। इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए महा विकास अघाड़ी और महायुति, दोनों को इस घटना को लेकर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 29, 2026, 09:45 IST
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