US: ट्रंप के खिलाफ कथित साजिश की जांच में शामिल होंगे 'टॉर्चर मेमो' वाले प्रोफेसर, अभियोजकों को देंगे ये सलाह
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कथित साजिश की जांच में अब संवैधानिक कानून के प्रोफेसर जॉन यू भी शामिल होंगे। जॉन यू ने पुष्टि की है कि वह इस मामले की जांच कर रहे अभियोजकों की टीम को कानूनी सलाह देंगे। जांच का नेतृत्व पूर्व न्याय विभाग के अभियोजक जो डिजेनोवा कर रहे हैं। उन्हें अप्रैल में यह जांच सौंपी गई थी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या पिछले एक दशक में ट्रंप की जांच करने वाले कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने उनके खिलाफ किसी आपराधिक साजिश में हिस्सा लिया था। कौन हैं जॉन यू जॉन यू यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्केले में कानून के प्रोफेसर हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में न्याय विभाग में वरिष्ठ अधिकारी रहे थे। वह 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद तैयार किए गए चर्चित 'टॉर्चर मेमो' के प्रमुख लेखकों में शामिल थे। इन मेमो के आधार पर संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ में कठोर तरीकों को कानूनी आधार दिया गया था। बाद में अमेरिकी न्याय विभाग ने इन मेमो को वापस ले लिया था। यह भी पढ़ें- US-Iran Negotiations: कतर में अमेरिका से बातचीत की अटकलों पर ईरान का इनकार, अंतिम समझौते पर चर्चा अभी बाकी किस मामले की हो रही है जांच यह जांच फ्लोरिडा में चल रही है, लेकिन इसकी पूरी सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। जांच का एक बड़ा हिस्सा 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप से जुड़ी पुरानी जांच पर केंद्रित है। 2017 में जारी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में कहा गया था कि रूस ने चुनाव में हस्तक्षेप कर ट्रंप को उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटनके मुकाबले फायदा पहुंचाने की कोशिश की थी। पहले की जांच में क्या मिला था 2019 में विशेष वकील रॉबर्ट म्यूलर की रिपोर्ट में माना गया था कि रूस ने चुनाव में हस्तक्षेप किया था और ट्रंप के चुनाव अभियान ने इस मदद का स्वागत किया था। हालांकि, रिपोर्ट में ट्रंप अभियान और रूस के बीच आपराधिक साजिश साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे। बाद की जांचों में रूस जांच की प्रक्रिया में कई खामियां जरूर सामने आईं। 2020 में एक पूर्व एफबीआई वकील ने जांच के दौरान एक ईमेल में हेरफेर करने का दोष भी स्वीकार किया था। हालांकि, किसी भी समीक्षा में एफबीआई या सीआईए के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के सबूत नहीं मिले। यह भी पढ़ें- नए मेडिकेड नियम से छिनेगी अमेरिकियों की स्वास्थ्य सुविधाएं: ट्रंप सरकार घिरी, 25 राज्यों ने दायर किया मुकदमा इसके बावजूद ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि उनके खिलाफ साजिश रची गई थी और उन्होंने उस समय के एफबीआई व सीआईए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने मई में कहा था कि न्याय विभाग इस कथित साजिश के आरोपों की जांच कर रहा है। अब जॉन यू के इस जांच से जुड़ने के बाद मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी महत्व हासिल कर लिया है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 30, 2026, 01:43 IST
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