Yamuna Nagar News: बीएलओ का कार्य कर रहे गुरुजनों को फील्ड की ड्यूटी के लिए रिलीव करने की तैयारी

जगाधरी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षकों को स्कूल समय में फील्ड ड्यूटी के लिए रिलीव करने की तैयारी चल रही है। यदि शिक्षकों को बीएलओ कार्य के लिए मुक्त कर दिया गया तो राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई का काफी नुकसान होगा। चूंकि जिले के करीब 20 विद्यालय शिक्षकहीन हो जाएंगे। वहीं, करीब 18 स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी। बता दें कि एसआईआर के लिए केवल एक सप्ताह शेष है और अभी करीब 30 प्रतिशत से ज्यादा काम बाकी है।हालांकि अभी तक इस संबंध में प्रशासन की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन मौखिक निर्देशों की चर्चा से स्कूल मुखियाओं और शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो कई स्कूलों में नियमित कक्षाएं प्रभावित होंगी। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में पहले ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में बीएलओ ड्यूटी के कारण यदि शिक्षकों को मूल काम से हटाकर फील्ड में भेजा गया, तो विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है। जुलाई का महीना पूरे शैक्षणिक सत्र की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण होता है।बीएलओ की ड्यूटी के लिए रिलीव होने से जिले के 35 विद्यालयों में एक शिक्षक रह जाएगा और उन्हें सभी कक्षाएं संभालनी पड़ेंगी। वहीं, 17 स्कूल बिना शिक्षक के हो जाएंगे, इनमें बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। एसआईआर अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्राथमिक अध्यापक पहले से ही निर्वाचन कार्य में लगे हुए हैं। शिक्षक जिम्मेदारी से चुनाव संबंधी कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ विद्यालयों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति से शिक्षण व्यवस्था के साथ बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना भी चुनौती बन सकता है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि विद्यालय प्रभारी व प्राचार्यों को मौखिक रूप से बीएलओ शिक्षकों को स्कूल समय में रिलीव करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि इस संबंध में अब तक कोई स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। केवल मौखिक निर्देशों के आधार पर शिक्षकों को फील्ड ड्यूटी पर भेजना उचित नहीं है। ड्यूटी के दौरान किसी शिक्षक के साथ कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है, तो जिम्मेदारी तय करने में भी दिक्कत होगी। ----------900 शिक्षकों की है कमीराजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में करीब 900 शिक्षकों की कमी है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि जिले के 17 विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं है और डेपुटेशन से काम चल रहा है। जिले में पहले 800 शिक्षकों की कमी थी। वहीं, इस वर्ष अंतर जिला तबादला प्रक्रिया के बाद 108 शिक्षक दूसरे जिले में चले गए और कुल 20 शिक्षक ही यहां आए हैं। शिक्षकों को उनके मूल कार्य से मुक्त किया तो जिले के करीब 35 स्कूल एक ही शिक्षक के सहारे हो जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। संवाद--------वर्जनविभाग को जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके आधार पर कार्य किया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि एसआईआर अभियान और शिक्षण कार्य के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर न पड़े।अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।------------

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 09, 2026, 03:02 IST
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