राष्ट्रीय शिक्षा नीति: पहली बार हर विषय के लिए परीक्षा का अलग ढांचा तय, संशोधित दिशा-निर्देश जारी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने के साथ हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्नातक शिक्षा में पहली बार विषयों और क्रेडिट संरचना के आधार पर अलग-अलग परीक्षा ढांचा लागू कर दिया है। अब सभी विषयों की परीक्षा एक समान प्रारूप में नहीं होगी। किसी पाठ्यक्रम के क्रेडिट, प्रकृति और अध्ययन पद्धति के अनुसार प्रश्नपत्र, परीक्षा अवधि और मूल्यांकन प्रणाली अलग होगी। विवि की ओर से जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में 2 क्रेडिट, 3 क्रेडिट और 4 क्रेडिट पाठ्यक्रमों के लिए अलग परीक्षा प्रारूप निर्धारित किया गया है। चार क्रेडिट वाले डिसिप्लिन स्पेसिफिक और मेजर विषयों की परीक्षा तीन घंटे की होगी, जबकि तीन क्रेडिट पाठ्यक्रमों के लिए दो घंटे और दो क्रेडिट पाठ्यक्रमों के लिए डेढ़ घंटे का समय निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था में केवल परीक्षा अवधि ही नहीं बदलेगी, बल्कि प्रश्नपत्र की संरचना भी अलग होगी। चार क्रेडिट पाठ्यक्रमों में पांच भागों वाला प्रश्नपत्र होगा, जबकि तीन क्रेडिट पाठ्यक्रमों में चार भाग और दो क्रेडिट पाठ्यक्रमों में तीन भाग होंगे। विश्वविद्यालय ने प्रत्येक स्तर पर प्रश्नों की संख्या, विकल्प और अंक वितरण भी निर्धारित कर दिया है। नियमों के अनुसार पाठ्यक्रम का 50 प्रतिशत भाग पूरा होने पर परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। यह बदलाव केवल परीक्षा प्रणाली में संशोधन नहीं बल्कि शिक्षण प्रक्रिया के पुनर्गठन का हिस्सा है। अब पाठ्यक्रम की प्रकृति के अनुसार मूल्यांकन होगा और सभी विषयों पर एक जैसी परीक्षा प्रणाली लागू नहीं रहेगी।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 15, 2026, 18:48 IST
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