म्यूचुअल फंड: फ्लेक्सी-कैप फंडों का चौंकाने वाला प्रदर्शन; सिर्फ चार का रिटर्न आठ फीसदी के पार; समझें जोखिम

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय पुराने रिटर्न को देखकर फैसला लेना भारी पड़ सकता है। बीते कुछ साल में शानदार प्रदर्शन करने वाला फंड आगे भी बेहतर रिटर्न देगा, इसकी गारंटी नहीं है। फ्लेक्सी-कैप फंड के पिछले तीन साल के आंकड़े भी इसकी तस्वीर दिखाते हैं। 37 स्कीम में से सिर्फ चार ने मासिक एसआईपी पर 8% से ज्यादा सालाना रिटर्न दिया, जबकि तीन स्कीम में निवेशकों को नुकसान हुआ। वहीं, पांच साल सेे सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले इक्विटी फंड में से सिर्फ 21% ही शीर्ष रैंकिंग बरकरार रख पाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पांच साल तक बेहतर प्रदर्शन करने वाले इक्विटी फंड में भी शीर्ष रैंकिंग बनाए रखने वालों की हिस्सेदारी सीमित रही। वहीं, वैल्यू रिसर्च के 20 अक्तूब 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, फ्लेक्सी-कैप फंडों के तीन साल के एसआईपी रिटर्न में बड़ा अंतर देखने को मिला। सबसे अच्छा रिटर्न 10.16% रहा, जबकि सबसे कमजोर फंड का रिटर्न -8.42% था। छोटे फंड आगे, बड़े फंडों का रिटर्न कमजोर तीन साल के एसआईपी रिटर्न में आईटीआई फ्लेक्सी-कैप फंड 10.16% के साथ पहले स्थान पर रहा। बैंक ऑफ इंडिया फ्लेक्सी-कैप फंड ने 9.09%, 360 वन फ्लेक्सीकैप फंड ने 8.95% और नवी फ्लेक्सी-कैप फंड ने 8.12% रिटर्न दिया। इन चार स्कीम के अलावा किसी फंड का रिटर्न 8% से ज्यादा नहीं रहा। दूसरी ओर, बड़ी स्कीमों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति संभालने वाले पराग पारिख फ्लेक्सी-कैप फंड ने 4.22% रिटर्न दिया। एचडीएफसी फ्लेक्सी-कैप फंड का रिटर्न 5.21% और एसबीआई फ्लेक्सीकैप फंड का सिर्फ 0.34% रहा। कोटक फ्लेक्सी-कैप फंड ने 2.07%, यूटीआई फ्लेक्सी-कैप फंड ने 2.36% और फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी-कैप फंड ने 0.01% रिटर्न दिया। सबसे कमजोर प्रदर्शन सैमको फ्लेक्सी-कैप फंड का रहा। इसका तीन साल का एसआईपी रिटर्न -8.42% था। श्रीराम फ्लेक्सी-कैप फंड ने -2.89% और एनजे फ्लेक्सी-कैप फंड ने -1.87% रिटर्न दिया। यानी इन तीनों स्कीम में संबंधित अवधि के दौरान एसआईपी करने वाले निवेशकों को नुकसान हुआ। फंड चुनते समय क्या देखें सिर्फ पिछले एक या तीन साल के रिटर्न पर निर्भर न रहें। अलग-अलग बाजार परिस्थितियों में फंड के प्रदर्शन को देखें। फंड ने कितना रिटर्न दिया, इसके साथ यह भी समझें कि उस रिटर्न के लिए कितना जोखिम उठाया गया और बाजार गिरने पर फंड का प्रदर्शन कैसा रहा। निवेश की अवधि और लक्ष्य : बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से फंड चुनें। निवेश की अवधि और लक्ष्य : बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से फंड चुनें। नियमित समीक्षा : केवल पिछली रैंकिंग गिरने के कारण फंड से बाहर निकलना या हालिया बेहतर प्रदर्शन देखकर तुरंत नया फंड खरीदना सही रणनीति नहीं है। फैसले के लिए प्रदर्शन के साथ निवेश की गुणवत्ता और अपने लक्ष्य को भी महत्व दें। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य वित्तीय जानकारी के लिए है, निवेश की व्यक्तिगत सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश से पहले संबंधित स्कीम के दस्तावेज पढ़ें और अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार फैसला लें।

#BusinessDiary #National #MutualFund #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 24, 2026, 01:51 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




म्यूचुअल फंड: फ्लेक्सी-कैप फंडों का चौंकाने वाला प्रदर्शन; सिर्फ चार का रिटर्न आठ फीसदी के पार; समझें जोखिम #BusinessDiary #National #MutualFund #VaranasiLiveNews