एमपी में मानसून की विदाई अब करीब: बारिश का कोटा चार फीसदी कम, तीस जिलों में कमी, आज आठ जिलों में बूंदाबांदी

मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक अगले 2 से 3 दिन में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश से लौट सकता है। इससे पहले अगले तीन दिन तक कुछ हिस्सों में नमी के असर से बूंदाबांदी और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, मानसून की विदाई से पहले होने वाली यह बारिश सीमित रहेगी। मानसून लौटने के बाद होने वाली बारिश को मानसूनी सीजन के आंकड़ों में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी अब होने वाली बूंदाबांदी सीजन की बारिश में अतिरिक्त बारिश की तरह होगी। 55 में से 30 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा 1 जून से 30 सितंबर तक के मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4% कम बारिश हुई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया। वहीं भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य से ज्यादा या सामान्य बारिश दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा कमी आलीराजपुर में रही, जहां सामान्य की आधी बारिश भी पूरी नहीं हो सकी। इसके उलट निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी एमपी में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कमी मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रदर्शन पश्चिमी हिस्से से बेहतर रहा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 4% ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई। यह भी पढ़ें-टीईटी की तारीख करीब: शिक्षक फॉर्म भरने को तैयार नहीं, चौथे दिन भी आंदोलन जारी, उज्जैन संभाग के शिक्षक पहुंचे जून की कमी आखिर तक नहीं भर पाई इस बार मानसून के आंकड़े कम रहने की बड़ी वजह जून में हुई कम बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम पानी गिरा था। जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आया। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा सामान्य या उससे ऊपर रहा, लेकिन जून में हुई कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से मानसून सीजन खत्म होने के बाद भी प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य से करीब 4% नीचे है।प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है। आज इन 8 जिलों में बूंदाबांदी मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है। यह भी पढ़ें-ट्रेनिंग पूरी,रोम्स पोर्टल का इंतजार: महीनों से वेतन को तरस रहे स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी,जाने क्या बदलेगा 4 दिन का मौसम 1 अक्टूबर: पूर्वी हिस्से में कुछ जगह बूंदाबांदी, बाकी जगह धूप। 2 अक्टूबर: नमी के असर से कुछ जिलों में हल्की बारिश संभव। 3 अक्टूबर: बारिश की गतिविधियां और सीमित होने के आसार। इसके बाद: मानसून की विदाई के साथ बारिश का दौर लगभग थमने लगेगा।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 01, 2026, 01:55 IST
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