Faridabad News: शहर में जापानी तकनीक बनेंगे मिनी जंगल
फरीदाबाद को मिलेगा ग्रीन ब्रेक, 16 हेक्टेयर में तैयार होंगे घने शहरी वननंबर गेम- 1.5 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्यमोहित शुक्ला फरीदाबाद। औद्योगिक गतिविधियों और लगातार बढ़ते प्रदूषण के दबाव से जूझ रहे फरीदाबाद में अब हरियाली बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। शहर में पहली बार व्यवस्थित तरीके से शहरी वन विकसित करने की योजना जमीन पर उतरने जा रही है, जिसके तहत जापान की मियावाकी तकनीक का उपयोग कर छोटे-छोटे भूखंडों पर घने जंगल तैयार किए जाएंगे। शहर में करीब 16 हेक्टेयर में छोटे-छोटे जंगल विकसित किए जाएंगे इसमें करीब 1.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल का मकसद हरियाली बढ़ाने के साथ प्रदूषण के स्तर को कम करना व तापमान में गिरावट लाना है। कैम्पा परियोजना के तहत मंजूर इस योजना में फरीदाबाद को दो स्तरों पर फायदा मिलने की उम्मीद है। एक ओर अरावली क्षेत्र में पहले से मौजूद हरित आवरण को सुरक्षित रखने और उसकी निगरानी को मजबूत किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर शहर के भीतर उन जगहों पर ग्रीन पॉकेट विकसित किए जाएंगे जहां प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा है। इसके लिए करीब 16 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा रही है जहां 1.5 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों में स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उनकी जीवित रहने की संभावना अधिक हो और वे तेजी से विकसित हो सकें।मियावाकी तकनीक-कम जगह में घना जंगलइस पूरी योजना का सबसे अहम आधार मियावाकी तकनीक है, जिसे खासतौर पर शहरी इलाकों के लिए प्रभावी माना जाता है। इस तकनीक में पौधों को बेहद सघन तरीके से लगाया जाता है, जिससे वे प्रतिस्पर्धा के कारण तेजी से बढ़ते हैं और कुछ ही वर्षों में घने जंगल का रूप ले लेते हैं। पारंपरिक पौधारोपण की तुलना में यह तरीका कई गुना अधिक घना और प्रभावी परिणाम देता है। फरीदाबाद जैसे शहर जहां जमीन सीमित है वहां यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इस पद्धति से लगाए गए पौधे 2-3 साल में ही छोटे जंगल का रूप लेने लगते हैं और 8-10 वर्षों में पूरी तरह विकसित हो जाते हैं।अरावली को हाई-टेक सुरक्षा कवचयोजना का एक बड़ा हिस्सा अरावली क्षेत्र के संरक्षण से जुड़ा हुआ है जिसे फरीदाबाद का ग्रीन लंग माना जाता है। अरावली में अवैध कटान और अतिक्रमण लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। इसे देखते हुए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में नई वन चौकियां स्थापित की जाएंगी और गश्त के लिए अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही करीब 60 नए वन रक्षकों की तैनाती से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सके।------------------------------------अरावली की सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। विभाग की तरफ से पौधे लगाने के साथ लोगों को भी पौधरोपण के लिए जागरूक किया जा रहा है। -झलकार उईके, डीएफओ फरीदाबाद
#Mini-forestsToBeCreatedInTheCityUsingJapaneseTechnology. #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 16, 2026, 18:56 IST
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