Mental Health: एंग्जाइटी-डिप्रेशन से लड़ाई में गधे बने हैप्पीनेस थेरेपिस्ट', मरीजों को मिल रहा दवा जैसा आराम

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी बीमारियों की तो अक्सर चर्चा होती रहती है, पर क्या आप मेंटल हेल्थ की समस्याओं पर भी उतना भी ध्यान दे पाते हैं आंकड़े बताते हैं कि मानसिक रोगों के मामले बीते दशकों में चुपचाप ही सही,पर इतनी तेजी से बढ़े हैं कि अब दुनिया में हर सातवें व्यक्ति को किसी न किसी तरह की मानसिक बीमारी काशिकार पाया जा रहा है। द लैंसेट में प्रकाशित एक नई वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में करीब 120 करोड़ लोग किसी न किसी मानसिक विकार से प्रभावित हैं। हाल के दशकों में इस समस्या का खतरा और भी तेजी से बढ़ा है। इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्युएशन (आईएचएमई) और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया ये अध्ययन 1990 से 2023 के बीच 204 देशों के आंकड़ों पर आधारित है। इसके मुताबिक साल 1990 से 2023 के बीच (34 वर्षों में) मानसिक विकारों से प्रभावित लोगों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। अध्ययन में 12 प्रमुख मानसिक विकारों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें एंग्जाइटी और मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर प्रमुख हैं। विशेषज्ञों की चिंता ये है कि अब भी बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जो मेंटल हेल्थ की समस्याओं का शिकार तो हैं पर उन्हें इस बारे में जानकारी ही नहीं है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 01, 2026, 09:18 IST
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