कानपुर बुद्धा देवी मंदिर: पांच पिंडियां मिलने से जुड़ा है इतिहास, आज भी चढ़ती हैं हरी सब्जियां, अनोखी परंपरा
कानपुर में राजगद्दी, हटिया स्थित बुद्धा देवी मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर का इतिहास वर्ष 1936 से पहले का बताया जाता है। मान्यता है कि यहां बुधवार को पांच पिंडियां मिलने के बाद इसी दिन मंदिर की स्थापना हुई। आज भी बुधवार को हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और माता रानी को हरी सब्जियां अर्पित करते हैं। लोगों के अनुसार उस समय क्षेत्र में चारों ओर खेत थे। यहां बुद्धू माली खेती करते थे। एक बुधवार को उन्हें खेत में पांच पिंडियां दिखाई दीं। उन्होंने इसकी जानकारी अपने मालिक लाला बद्री प्रसाद अग्रवाल को दी। संतान न होने पर लाला बद्री प्रसाद ने पिंडियों को देवी स्वरूप मानकर पुत्र प्राप्ति की मन्नत मांगी। मनोकामना पूरी होने पर उन्होंने मंदिर बनवाने का संकल्प पूरा किया।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 14, 2026, 12:10 IST
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