तीन फीट लंबा प्रगति पत्रक जारी: कबीरधाम के स्कूलों में छात्रों को हो रही परेशानी, शिक्षक-अभिभावक चिंतित
जिले के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में बच्चों के लिए दिए गए प्रगति पत्रक शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों के लिए समस्या बन गए हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्रवंशी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नए प्रगति पत्रक के बड़े आकार और जानकारी भरने के तरीके से सभी परेशान हैं। यह प्रगति पत्रक तीन फोल्ड वाला और छह पृष्ठीय है। इसकी लंबाई लगभग दो फुट और चौड़ाई एक फुट है। इतने बड़े आकार के कारण इसकी एक बार में फोटो कॉपी नहीं हो पाती है। फोटो कॉपी कराने के लिए इसे दो बार में करके गोंद से चिपकाना पड़ता है। विद्यार्थियों को भी इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने में दिक्कत होगी। शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी इसका आकार नहीं, बल्कि इसमें भरी जाने वाली जानकारी है। इसमें लगभग तीस प्रकार की अलग-अलग जानकारी भरनी होती है। इस वर्ष जारी इस नए प्रगति पत्रक के लिए कोई प्रशिक्षण या दिशानिर्देश जारी नहीं हुए हैं। शिक्षक अपने अनुमान से ही जानकारी भर रहे हैं, जबकि इसके लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। रमेश चंद्रवंशी ने बताया कि प्रगति पत्रक एक विस्तृत दस्तावेज होता है। यह छात्र के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होता है। इसमें शैक्षणिक अंकों के साथ व्यवहार, उपस्थिति, खेलकूद और अनुशासन का विवरण होता है। इसका उद्देश्य अभिभावकों को बच्चे के प्रदर्शन और सुधार के क्षेत्रों की जानकारी देना है। सामान्यतः इसका आकार ए फोर या ए थ्री होना चाहिए। वर्तमान प्रगति पत्रक का बड़ा आकार बच्चों और अभिभावकों के लिए असुविधाजनक है। इसे सुरक्षित रखना मुश्किल है और फोटो कॉपी कराना भी जटिल है। शिक्षकों को तीस प्रकार की जानकारी बिना प्रशिक्षण के भरनी पड़ रही है। दिशानिर्देशों के अभाव में जानकारी सही ढंग से नहीं भरी जा पा रही है। यह स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर डाल सकती है।
#CityStates #Kabirdham #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 14, 2026, 15:56 IST
तीन फीट लंबा प्रगति पत्रक जारी: कबीरधाम के स्कूलों में छात्रों को हो रही परेशानी, शिक्षक-अभिभावक चिंतित #CityStates #Kabirdham #VaranasiLiveNews
