Iran Protests: ट्रंप बोले- ईरान को आजादी दिलाने के लिए तैयार, जानें खामेनेई ने किसे दी सजा-ए-मौत की चेतावनी

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका, ईरान को मौजूदा सरकार से आज़ादी दिलाने में मदद करने के लिए तैयार है। यह सरकार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में चल रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान शायद पहले से कहीं ज्यादा आजादी के करीब है।उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हर संभव मदद देने को तैयार है। क्या ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई होगी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर शुरुआती योजनाओं पर काम कर रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया कि अमेरिकी अधिकारी इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि ईरान के खिलाफ ट्रंप की हालिया चेतावनियों के बाद क्या कदम उठाया जाए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक विकल्प के तौर पर ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। न तो अमेरिकी सेना की तैनाती की गई है और न ही कोई सैन्य उपकरण भेजा गया है। ये भी पढ़ें:-Iran Protests:ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा जारी, अब तक 116 लोगों की मौत; हजारों गिरफ्तार वॉशिंगटन से कड़ी चेतावनी ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों पर हिंसा न करने की सख्त चेतावनी दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि अगर ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, तो अमेरिका जवाब देगा। वॉशिंगटन में ईरान के हालात को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। खामेनेई का पलटवार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ट्रंप पर ईरानियों के खून से हाथ रंगे होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। खामेनेई ने यह भी दावा किया कि ईरान में हो रहे प्रदर्शन अमेरिका को खुश करने के लिए किए जा रहे हैं। ईरानी प्रशासन ने देशभर में प्रदर्शनों के खिलाफ सख्ती और बढ़ा दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों की मदद करने वालों को “अल्लाह का दुश्मन” माना जाएगा, जो ईरान में मृत्युदंड तक ले जा सकता है। ईरानी सरकारी टीवी पर जारी बयान में यह भी कहा गया कि जो लोग “दंगाइयों की मदद” करेंगे, उनके खिलाफ भी यही कार्रवाई की जाएगी। बयान में अभियोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना देरी के आरोप पत्र दाखिल करें। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त मुकदमे चलाएं जो देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं और अस्थिरता फैलाकर विदेशी ताकतों को मौका दे रहे हैं। इसमें साफ कहा गया है कि इन मामलों में किसी तरह की नरमी, दया या ढील नहीं बरती जाए। ईरान पर पहले भी कर चुका है हमला अमेरिका अमेरिका इससे पहले भी ईरान के भीतर सैन्य कार्रवाई कर चुका है। जून में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन ठिकानों पर कम से कम छह बंकर-बस्टर बम गिराए थे। इनमें फोर्डो परमाणु संवर्धन केंद्र भी शामिल था, जो पहाड़ के नीचे करीब 300 फीट गहराई में स्थित है। ये हमले ईरान द्वारा इस्राइल के खिलाफ परमाणु क्षमता इस्तेमाल की धमकी देने के बाद किए गए थे और इन्हें इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के साथ समन्वय में अंजाम दिया गया था।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 11, 2026, 08:08 IST
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