वैदिक सिद्धांतों से ही संवर सकता है मानव जीवन: स्वामी सच्चिदानंद
क्षेत्र के गांव सुमेरपुर स्थित आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में रविवार से तीन दिवसीय चतुर्वेद शतकम महायज्ञ एवं 69 वां वार्षिकोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हो गया। ब्रह्म आचार्य जीवन सिंह आर्य के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति दीं तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी संत स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि मानव जीवन को सुखी, समृद्ध और संस्कारित बनाने के लिए वैदिक सिद्धांतों का अनुशरण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती नैतिक गिरावट को दूर करने के लिए युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। भजन उपदेशक सुंदर वैदिक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज ने देश भक्ति, सामाजिक सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ज्योति आर्य ने भजनों और प्रेरणादायक उद्बोधन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख जवां हरेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं। आयोजन में डॉ.आरपी सिंह, हर्षवर्धन आर्य, रमा सिंह, कुलदीप सिंह आर्य, देवेंद्र कुमार सक्सेना, गार्गी सिंह, राजकुमार सिंह, चंद्रशेखर आर्य, मधुकर आर्य, लक्ष्मीनारायण शर्मा आदि मौजूद रहे।
#AligarhNews #LifeCanBe #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 22, 2026, 02:46 IST
वैदिक सिद्धांतों से ही संवर सकता है मानव जीवन: स्वामी सच्चिदानंद #AligarhNews #LifeCanBe #VaranasiLiveNews
