कामयाबी: भारत में दुनिया के सबसे अनोखे ब्लड ग्रुप CRIB की खोज, जानिए क्यों माना जा रहा है इसे बहुत खास

New Blood Group:हमारे शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने और उनको सही तरीके से काम करते रहने में मदद के लिए रक्त की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। हर इंसान का ब्लड ग्रुप अलग-अलग हो सकता है और यह उसकी जैविक 'आईडी' की तरह होता है। दूसरे भाषा में ऐसे समझा जा सकता है कि ब्लड ग्रुप एक ऐसा कोड है जो तय करता है कि जरूरत पड़ने पर कौन सा खून उसे जिंदगी दे सकता है और कौन सा जानलेवा हो सकता है अब तक मुख्यरूप से चार ब्लड ग्रुप सबसे ज्यादा चर्चित रहे हैं वह हैं- ब्लड ग्रुप ए, बी, एबी और ओ। साल था 1901 जब पहली बार कार्ल लैंडस्टीनर नामक ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक ने ब्लड ग्रुप्स की खोज की थी। इससे पहले, डॉक्टर्स को भी लगता था कि सभी रक्त एक समान होते हैं। इसी क्रम में अबवैज्ञानिकों की टीम ने एक नए प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज की है, जिसे CRIB (सीआरआईबी) नाम दिया गया है। भारत में एक 38 वर्षीय महिला की सर्जरी के दौरान इस नए रक्त समूह का पता चला।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 04, 2025, 13:00 IST
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