Panipat News: कान की बाली और हेयरबैंड उतारने पड़े

संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। नीट-यूजी परीक्षा रविवार को सात केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को कान की बाली, हेयरबैंड और क्लचर होने के चलते परेशानी उठानी पड़ी। कई अभ्यर्थियों को प्रवेश के दौरान इन्हें उतारना पड़ा। जिले में पंजीकृत 2592 अभ्यर्थियों में से 2369 ने परीक्षा दी। 223 अनुपस्थित रहे। जिले में कुल उपस्थिति 91.39 प्रतिशत दर्ज की गई। उधर, परीक्षा के दौरान अभिभावकों की बड़ी परीक्षा हुई। उनको करीब 39 डिग्री तापमान के बीच तीन घंटे सड़क किनारे अपने बच्चों का इंतजार करना पड़ा। प्रशासन के पानी और छांव का भी प्रबंध केंद्रों के नजदीक नहीं कर पाया। रोडवेज के केंद्रों तक बस ले जाने के दावे भी धरे रह गए।नीट परीक्षा दोपहर बाद दो बजे शुरू की। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से प्रवेश दिया जाना शुरू कर दिया। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर, पुलिस बल और सीआरपीएफ जवान तैनात रहे। अधिकांश अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले या आसपास के क्षेत्रों में ही केंद्र आवंटित किए गए थे। पिछले वर्षों की तुलना में दूर-दराज के जिलों में केंद्र मिलने की समस्या काफी हद तक कम रही। इससे आवागमन में कुछ सुविधा रही। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से उन्हें भीषण गर्मी में घंटों परेशान होना पड़ा। कई केंद्रों पर न तो छांव की व्यवस्था थी, न ही बैठने और पेयजल की व्यवस्था की। अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले कानों की बालियां, गले की चेन, हेयर पिन, रबर और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं बाहर निकलवानी पड़ीं।फिजिक्स के प्रश्नों ने उलझाया : अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार प्रश्नपत्र का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में कठिन रहा। विशेष रूप से फिजिक्स के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाया। कई विद्यार्थियों ने बताया कि केमिस्ट्री और बायोलॉजी अपेक्षाकृत संतुलित रहीं, लेकिन फिजिक्स में समय अधिक लगा।अभिभावकों बोले केंद्र के बाहर नहीं कोई व्यवस्था : सफीदों वासी राजीव कुमार ने बताया कि बच्चों के लिए व्यवस्था अच्छी थी, लेकिन अभिभावकों के बैठने की कोई सुविधा नहीं थी। कई घंटे गर्मी में पार्क और पेड़ों की छांव में बिताने पड़े। सेक्टर-11 पानीपत वासी राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र नजदीक मिलने से राहत रही, लेकिन इंतजार के दौरान काफी परेशानी हुई। प्रशासन को अभिभावकों के लिए अस्थायी शेड और पेयजल की व्यवस्था करनी चाहिए। इसराना वासी अशोक शर्मा ने बताया कि परीक्षा पांच घंटे की थी, लेकिन बाहर बैठने की जगह नहीं मिली। कई अभिभावक पुल के नीचे समय बिताते दिखाई दिए। भविष्य में इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। सनौली वासी रेखा देवी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक रही। हालांकि अभिभावकों के लिए बैठने और पीने के पानी की सुविधाएं होती तो बेहतर रहता।फिजिक्स के प्रश्नों ने उलझायाअभ्यर्थियों के अनुसार इस बार प्रश्नपत्र का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में कठिन रहा। विशेष रूप से फिजिक्स के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाया। कई विद्यार्थियों ने बताया कि केमिस्ट्री और बायोलॉजी अपेक्षाकृत संतुलित रहीं, लेकिन फिजिक्स में समय अधिक लगा।केंद्रवार स्थितिमॉडल टाउन केंद्र : गुरुद्वारे का सहारापीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन में अभिभावकों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। कई अभिभावक पार्कों और पेड़ों की छांव में बैठे रहे। डीएसपी मुकेश कुमार सहित सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें नजदीकी गुरुद्वारे में समय बिताने की सलाह दी।मॉडल टाउनपीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन में अभिभावकों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी। अधिकांश अभिभावकों ने पार्कों, सड़क किनारे पेड़ों की छांव और अन्य स्थानों पर समय बिताया। डीएसपी मुकेश कुमार सहित सुरक्षा कर्मियों ने कई अभिभावकों को पास स्थित गुरुद्वारे में ठहरने की सलाह दी।मॉडल संस्कृति स्कूल लालबत्तीराजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल लालबत्ती के पास भी अभिभावकों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। कई लोग जीटी सड़क फ्लाईओवर के नीचे या परिचितों के घरों में जाकर समय बिताने को मजबूर हुए।तहसील कैंपराजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तहसील कैंप के बाहर छाया की कमी साफ दिखाई दी। अभिभावकों ने पार्कों और जीटी सड़क फ्लाईओवर के नीचे शरण ली।देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालयसेक्टर-18 स्थित केंद्र पर भी अभिभावकों को पार्कों और सड़क किनारे पेड़ों के नीचे इंतजार करना पड़ा। लंबे इंतजार के दौरान गर्मी सबसे बड़ी चुनौती बनी रही।सिवाह केंद्रराजकीय विद्यालय सिवाह में बने केंद्र पर भी हालात लगभग समान रहे। अधिकांश अभिभावकों ने नए बस स्टैंड और सड़क ओवरब्रिज के नीचे समय बिताया।अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाफिजिक्स का पेपर उम्मीद से ज्यादा कठिन रहा। कई प्रश्न अवधारणात्मक थे और उन्हें हल करने में अधिक समय लगा। बायोलॉजी और केमिस्ट्री ठीक रहीं, लेकिन फिजिक्स ने रैंक पर असर डालने वाली चुनौती पेश की।स्माइल, सेक्टर-11, पानीपत।परीक्षा केंद्र घर के काफी नजदीक मिला, जिससे यात्रा का तनाव नहीं रहा। हालांकि सुरक्षा जांच में समय लगा। प्रश्नपत्र में फिजिक्स का स्तर अपेक्षाकृत कठिन था, जबकि अन्य विषय संतुलित रहे।कार्तिक, गांव मांडी, पानीपत।पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार पेपर थोड़ा कठिन लगा। विशेषकर न्यूमेरिकल आधारित प्रश्नों ने समय लिया। फिर भी तैयारी अच्छी थी, इसलिए अधिकांश प्रश्नों का प्रयास कर पाया।हार्दिक, अंसल, पानीपत।सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त थी। परीक्षा शुरू होने से पहले पूरी जांच हुई। पेपर का स्तर मध्यम से कठिन रहा। फिजिक्स के कुछ प्रश्न अपेक्षा से अलग थे, जिनमें अधिक समय लगा।दीक्षांत, निवासी सफीदोंअभिभावकों बोले केंद्र के बाहर नहीं कोई व्यवस्थासफीदों वासी राजीव कुमार ने बताया कि बच्चों के लिए व्यवस्था अच्छी थी, लेकिन अभिभावकों के बैठने की कोई सुविधा नहीं थी। कई घंटे गर्मी में पार्क और पेड़ों की छांव में बिताने पड़े। सेक्टर-11 पानीपत वासी राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र नजदीक मिलने से राहत रही, लेकिन इंतजार के दौरान काफी परेशानी हुई। प्रशासन को अभिभावकों के लिए अस्थायी शेड और पेयजल की व्यवस्था करनी चाहिए। इसराना वासी अशोक शर्मा ने बताया कि परीक्षा पांच घंटे की थी, लेकिन बाहर बैठने की जगह नहीं मिली। कई अभिभावक पुल के नीचे समय बिताते दिखाई दिए। भविष्य में इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। सनौली वासी रेखा देवी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक रही। हालांकि अभिभावकों के लिए बैठने और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं होती तो बेहतर रहता। राजकीय सीसे स्कूल तहसील कैंप के बाहद इंतजार में खड़े अभिभावक। संवाद राजकीय सीसे स्कूल तहसील कैंप के बाहद इंतजार में खड़े अभिभावक। संवाद राजकीय सीसे स्कूल तहसील कैंप के बाहद इंतजार में खड़े अभिभावक। संवाद

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 22, 2026, 02:51 IST
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