इंडोनेशिया: सुलावेसी प्रांत में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़, 16 लोगों की मौत; 140 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ में 16 लोगों की मौत हो गई।अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने बताया कि कई दिनों से जारी मानसूनी बारिश के बाद सोमवार सुबह नदियां उफान पर आ गईं। प्रभावित गांवों में भेजे गए बचाव दल इसी के बाद कीचड़, पत्थरों और मलबे से भरा तेज बहाव सिआउ तागुलंदांग बियारो जिले में लोगों को बहा ले गया और कई गांव पानी में डूब गए।पुलिस और सेना की मदद से आपातकालीन बचाव दलों को सिआउ द्वीप के बुरी तरह प्रभावित चार गांवों में भेजा गया। यह छोटा सा द्वीप सुलावेसी द्वीप के उत्तरी छोर से करीब 130 किलोमीटर दूर है। मुहारी ने बताया कि कई जगह सड़कों के टूटने और संचार व्यवस्था बाधित होने से पहुंचने में मुश्किलें आईं। ये भी पढ़ें:डेनमार्क को वेनेजुएला समझने की कोशिश न करे ट्रंप, मेटे फ्रेडरिक्सन की अमेरिकी राष्ट्रपति को दो टूक सात घर बहे और 140 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त उन्होंने कहा कि पहाड़ियों से पानी के तेज बहाव के कारण सात घर पूरी तरह बह गए और 140 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बाढ़ के चलते 680 से अधिक लोगों को चर्चों और सार्वजनिक इमारतों में बने अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। Banjir bandang melanda Kabupaten Kepulauan Sitaro, Provinsi Sulawesi Utara pada Senin (5/1), pukul 02.30 Wita. Hingga Senin (5/1) pukul 19.00 WIB korban jiwa meninggal dunia dilaporkan sebanyak sebelas orang.https://t.co/vfn10fWxcO pic.twitter.com/hedKDqbpKv — BNPB Indonesia (@BNPB_Indonesia) January 5, 2026 बचावकर्मियों ने बरामद किए 16 शव मौसम में सुधार और बाढ़ का पानी उतरने के बाद मंगलवार को बचावकर्मियों ने 16 शव बरामद किए। उत्तरी सुलावेसी खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रवक्ता नूरियादियन गुमेलेंग ने बताया कि तीन अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है, जहां पूरे के पूरे इलाके पानी में डूब गए थे।सिटारो जिले की प्रमुख चिंतिया इंग्रिड कालांगित ने सोमवार से 14 दिनों के लिए आपातकाल घोषित किया है, ताकि राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम तेजी से किया जा सके। इस बाढ़ में 25 लोग घायल भी हुए हैं। कालांगित ने कहा, हमने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि आगे और बारिश होने से फिर बाढ़ या भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय सरकार की ओर से भारी मशीनें और राहत सामग्री भेजी गई हैं। ये भी पढ़ें:नेपाल के बीरगंज में हिंसा के बाद तनाव, कर्फ्यू के बीच काबू में हालात; भारत में बढ़ाई गई सुरक्षा दिसंबर में आई थी भीषण बाढ़, 52 शहर हुए थे प्रभावित राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, दिसंबर में इंडोनेशिया के सबसे बड़े द्वीप सुमात्रा में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने 52 शहरों और जिलों को प्रभावित किया था। इसमें अब तक 1,178 लोगों की मौत हो चुकी है, 7,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और मंगलवार तक 148 लोग लापता बताए गए हैं।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 06, 2026, 16:47 IST
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