Fecal Sludge Management: सेप्टिक टैंक का कचरा नहीं बनेगा खतरा, 7000 गांवों के लिए योजना को मंजूरी

हिमाचल प्रदेश के करीब 7,000 गांवों में अब सेप्टिक टैंकों से निकलने वाली गंदगी बीमारी और प्रदूषण का कारण नहीं बनेगी। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फीकल स्लज प्रबंधन (एफएसएम) योजना को मंजूरी देते हुए सेप्टिक टैंकों के अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था शुरू कर दी है। इस पहल से पेयजल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने के साथ-साथ डायरिया, हैजा, टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण विकास विभाग और जल शक्ति विभाग मिलकर मौजूदा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में फीकल स्लज के को-ट्रीटमेंट की व्यवस्था विकसित करेंगे। प्रदेश के पहाड़ी भूगोल और सीमित भूमि को देखते हुए अलग-अलग फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के बजाय मौजूदा एसटीपी का उपयोग किया जाएगा, जिससे कम लागत में अधिक प्रभावी व्यवस्था विकसित हो सके।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 06, 2026, 21:48 IST
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