यूरोपीय देशों में आंदोलन: कई जगह भिड़े पुलिस, उग्र प्रदर्शनकारी; फ्रांस, इटली, स्पेन से ब्रसेल्स तक कैसा मंजर?

फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों में युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। फ्रांस की राजधानी पेरिस व अन्य शहरों में शनिवार को युवाओं और श्रमिक संगठनों के आह्वान पर बड़ा प्रदर्शन किया गया। दिनभर प्रदर्शन आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर हिंसक घटनााएं हुईं। हालांकि, पिछले हफ्ते की तुलना में स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही। उधर, इटली में पीएम जियॉर्जिया मेलनी के खिलाफ युवाओं का आक्रोश भड़क उठा है। लाखों की संख्या में सड़कों पर उतरे आक्रोशित फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, देशभर में लगभग 4.1 लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। वहीं, जनरल कन्फेडरेशन ऑफ लेबर (जीसीटी) यूनियन का दावा है कि यह संख्या करीब 8 लाख थी। फ्रांसीसी गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि अब तक 135 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से कई तरह के हथियार जब्त किए गए हैं। इस बार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए देशभर में 70,000 पुलिसकर्मियों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद गाड़ियां और वॉटर कैनन तैनात किए गए थे। फ्रांस में फिर बड़ा प्रदर्शन, इटली में भी भड़के युवा पेरिस और अन्य शहरों में प्रदर्शन दिन में तो शांतिपूर्ण रहे लेकिन शाम को हिंसा भड़की। मैक्रों सरकार के साथ-साथ विपक्षी नेता ली पेन के खिलाफ भी युवाओं ने की नारेबाजी फ्रांस के प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने 5 नवंबर को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। स्पेन में मकानों के लगातार बढ़ते किराये को लेकर 11 नवंबर को आम हड़ताल होगी। इटली में यूनियनों ने 20 नवंबर को डे ऑफ एक्शन का एलान किया है। पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का सहारा लिया दक्षिण-पूर्वी शहर ल्योन में प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई थी, लेकिन शहर के केंद्र के पास लगभग 150 प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पश्चिमी शहर नांत में हजारों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बाड़ेबंदी को तोड़कर शहर के केंद्र में प्रवेश किया। पुलिस ने आंसू गैस और वॉटर कैनन का सहारा लिया। भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पटाखे और पत्थर फेंके। अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए और कई जगहों पर चेहरा ढंककर प्रदर्शन करने पर रोक के बावजूद नकाबपोश प्रदर्शनकारी उपद्रव मचाते दिखे। #WATCH | France | Protests Turn Violent as Demonstrators Clash with Riot Police in Paris; large numbers of people are protesting across France against the rising cost of living. (Source: Reuters) https://t.co/Mtj9w1EL1l — ANI (@ANI) October 25, 2026 दक्षिणपंथी रैली के विरोध में उतरे लोग ऑरलियंस शहर में मरीन ले पेन की दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी के सम्मेलन के खिलाफ हजारों लोगों ने विरोध मार्च निकाला। ली पेन छह महीने बाद होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में इमैनुएल मैक्रों की जगह लेने के लिए अभियान की शुरुआत कर रही हैं और सर्वे बताते हैं कि वे दौड़ में सबसे आगे हैं। प्रदर्शनकारी मैक्रों और ली पेन दोनों का विरोध कर रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार भीड़ नारे लगाए-मैक्रों इस्तीफा दो, ली पेन जेल जाओ। पुलिस ने ऑरलियंस में प्रदर्शनकारियों की संख्या 11,000 बताई, जबकि आयोजकों का दावा था कि 26,000 लोग मौजूद थे। मजदूर यूनियनों, वामपंथी दलों और छात्र संगठनों सहित लगभग 50 संगठनों ने ली पेन की प्रवासी-विरोधी नीति के खिलाफ इस प्रदर्शन का आह्वान किया था। रोमयुवा बोले-पद छोड़ें मेलोनी इटली में शनिवार को रोम और मिलान जैसे शहरों में हजारों छात्रों, युवाओं और नागरिकों ने प्रदर्शन किए और रैलियां निकालीं। पिछले हफ्ते हिंसा और लूटपाट की घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सैनिकों और पुलिस बल को तैनात किया। फैशन राजधानी कहलाने वाले मिलान में 500 सैनिकों को तैनात किया गया है। वहीं, रोम में भी वीआईपी शॉपिंग स्ट्रीट्स की घेराबंदी कर सुरक्षा बढ़ाई गई। रोम में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री जियॉर्जिया मेलनी के इस्तीफे की मांग की। स्पेन के मैड्रिड में हजारों पेंशनभोगियों और आम नागरिकों ने मार्च निकालकर सरकारी पेंशन में किसी भी तरह की कटौती न करने की मांग की। पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भी किफायती मकानों की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरे। अल्बानिया में कृषि मंत्रालय बना निशाना अल्बानिया की राजधानी तिराना में शनिवार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और खराब शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्रालय के गेट में आग लगा दी। प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे लोगों ने सरकारी इमारतों-बैंकों में आग लगा दी, दुकानों की खिड़कियां तोड़ दीं और सड़क के पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंके। ब्रसेल्स में प्रदर्शनकारियों-पुलिस में झड़प बेल्जियम के ब्रसेल्स में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें हुईं। पुलिस ने आंसू गैस और मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया। ये प्रदर्शनकारी शिक्षा प्रणाली में बेहतर स्थितियों की मांग कर रहे थे। शनिवार को ब्रसेल्स में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के संकेतों और अन्य वस्तुओं को स्कूटरों और साइकिलों के ढेर पर फेंक दिया और उसमें आग लगाने का प्रयास किया। नहीं थमेगा सिलसिला: जर्मनी में जेन-जी का प्रदर्शन 31 को यूरोप के तमाम देशों में आने वाले दिनों में जेन-जी का प्रदर्शन और तेज होने की उम्मीद है। जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों में बड़े पैमाने पर हड़ताल और प्रदर्शनों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जर्मनी में युवाओं के एक प्रमुख संगठन जेन जी रिगेल्ट ने 31 अक्तूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। युवाओं का कहना है कि मौजूदा आर्थिक नीतियां उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रही हैं। अवसर कम हो रहे हैं और जीवन-यापन की लागत लगातार बढ़ रही है।

#World #International #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 25, 2026, 08:09 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »

Read More:
World International



यूरोपीय देशों में आंदोलन: कई जगह भिड़े पुलिस, उग्र प्रदर्शनकारी; फ्रांस, इटली, स्पेन से ब्रसेल्स तक कैसा मंजर? #World #International #VaranasiLiveNews